विद्रोहियों ने शांति प्रस्ताव ठुकराया

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Image caption विद्रोही कर्नल गद्दाफ़ी को देश से हटाना चाहते हैं

लीबिया में विद्रोही गुट ने अफ़्रीकी संघ के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. विद्रोहियों का कहना है कि अफ़्रीकी संघ का प्रस्ताव लीबिया की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता.

विद्रोही गुट इस बात से ख़फ़ा हैं कि इस प्रस्ताव में राष्ट्रपति कर्नल गद्दाफ़ी और उनके बेटों के देश छोड़ कर जाने की कोई बात नहीं की गई है.

इससे पहले अफ़्रीकी संघ ने कहा था कि लीबिया की सरकार ने यह शांति प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है.

अफ़्रीकी संघ के शांति प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम, बेरोकटोक मानवीय सहायता, विदेशी नागरिकों की सुरक्षा, राजनीतिक हल के लिए विद्रोहियों और सरकार के बीच वार्ता के साथ-साथ नैटो सेना की बमबारी पर भी फ़िलहाल रोक की बात की गई है.

शर्त

इस बीच अमरीका, ब्रिटेन और इटली ने एक बार फिर कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी को देश छोड़ देना चाहिए.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमरीका लीबिया में बदलाव चाहता है, जिसमें कर्नल गद्दाफ़ी के देश छोड़ने भी शामिल है.

लीबिया में गद्दाफ़ी समर्थक सेना पर निशाना बना रहे नैटो का कहना है कि कोई भी युद्धविराम ऐसा हो, जो विश्वसनीय और प्रमाणित किया जा सके.

इस बीच गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों ने देश के पश्चिमी शहर मिस्राता पर फिर हमला किया है. मिस्राता के एक निवासी ने बीबीसी से संपर्क करके बताया कि गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों ने स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह 0240 बजे हमला शुरू किया.

पिछले दिनों गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों ने विद्रोहियों को पीछे धकेलना शुरू कर दिया था लेकिन नैटो की सेना ने उसकी कोशिशों को नाकाम कर दिया.

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