मुबारक को हिरासत में लेने का आदेश

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Image caption होस्नी मुबारक ने फरवरी में पद छोड़ दिया था

मिस्र के प्रोसीक्यूटर जनरल ने पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को 15 दिन के लिए हिरासत में लेने का आदेश जारी किया है.

ये आदेश उस समय आया है जब मुबारक के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों के तहत उनसे पूछताछ की जा रही है.

मंगलवार को 82 वर्षीय होस्नी मुबारक को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे फ़िलहाल गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में हैं.

मुबारक के दो बेटों अला और गमाल को भी भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत हिरासत में ले लिया गया है.

इस साल फरवरी में मुबारक के शासन के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

तब से हज़ारों प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाए.

इनकार

होस्नी मुबारक भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से इनकार करते आ रहे हैं.

पिछले दिनों सरकारी वकीलों ने उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों और प्रदर्शनकारियों की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था.

काहिरा में बीबीसी संवाददाता योलैंड नेल का कहना है कि ये अरब दुनिया में एक असाधारण घटनाक्रम है और सरकारी अभियोक्ता ये संदेश देना चाहते हैं कि मुबारक क़ानून से ऊपर नहीं है.

लेकिन आम जनता को शक़ है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ने और उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए शायद वे क़ानूनी प्रक्रिया से बच निकलें.

मंगलवार को 2000 प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और मांग की थी कि मुबारक के बेटों को ग़िरफ़्तार किया जाए.

मुबारक के दो बेटों को हिरासत में लिए जाने के फ़ैसले का आम जनता ने स्वागत किया है.

ख़बरों के मुताबिक़ शर्म अल शेख़ में होस्नी मुबारक बिना किसी तामझाम के रह रहे हैं.

क़ाहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आम लोग इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं मुबारक और सेना के बीच किसी तरह का कोई समझौता न हो जाए जिसके तहत वो न्याय प्रक्रिया से साफ तौर पर बच निकलें.

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