आर्थिक संकटों से निपटने के लिए जी 20 की बैठक

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिये विश्व की चोटी की बीस अर्थव्यवस्थाओं के अधिकारी वॉशिंगटन में जमा हो रहे हैं.

इस बैठक में एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भावी आर्थिक संकटों से बचा सके.

हर कोई यह मानता है कि हाल में वैश्विक असंतुलन की वजह से आए आर्थिक संकट का समाधान पाना सबके हित में है. मतभेद इस बात पर हैं कि इसको कैसे और कितनी जल्दी पाया जाए.

चीन का कहना है कि उसे अपनी मुद्रा को मज़बूत बनाने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को खोलना होगा. लेकिन वह इसको अपनी गति और अंदाज़ से करना चाहता है.

दूसरी तरफ़ अमरीका की कोशिश है कि इसे जितनी जल्दी किया जाए उतना अच्छा है.

फ़रवरी से ही इन देशों के वित्त मंत्री इन असंतुलनों को नापने के लिए एक व्यापक दिशा निर्देश बनाने पर काम कर रहे थे. अगले कुछ दिनों में उनकी कोशिश रहेगी कि उन देशों का ख़ाका तैयार किया जाए जो सबसे ज़्यादा इन समस्याओं से जूझ रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जिस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की यह बैठक हो रही है, विश्व अर्थव्यवस्था सुधार की राह पर है.

लेकिन विकास की राह में रोड़े अभी भी हैं. प्रमख चुनौतियाँ हैं तेल के बढ़ते हुए दाम, मध्य-पूर्व में अशाँति, चीन में जारी मुद्रा स्फीति और यूरोप की ऋण समस्या.

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