चीन में बढ़ रही है महंगाई

  • 15 अप्रैल 2011
चीन बाज़ार
Image caption खाद्घ पदार्थों की बढ़ती क़ीमत सरकार के लिए बड़ी चुनौती है.

चीन में अधिकारियों का कहना है कि मुद्रा स्फीती की दर बढ़ कर पिछले 32 महीनों में सबसे ज़्यादा हो गई है. बढ़ती महंगाई को रोकने की तमाम सरकारी कोशिशों के बावजूद मार्च महीने में आए ताज़ा आंकड़े के मुताबिक़ पिछले साल की तुलना में महंगाई की दर बढ़ कर 5.4 फ़ीसदी हो गई है.

कई महीनों से चीन के अधिकारी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि बढ़ती महंगाई को रोकना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

इसके लिए सरकार ने पिछले साल अक्तूबर से अब तक व्याज दर में चार बार इज़ाफ़ा किया ताकि क़र्ज़ लेना और कठिन हो जाए लेकिन इन तमाम कोशिशों के बावजूद मंहगाई में कोई कमी नहीं हो पा रही है.

खाद्घ पदार्थों की क़ीमतों में 11 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.हालाकि चीन की अर्थव्यवस्था के विकास दर में कोई कमी नहीं हो रही है और इस साल के पहले तिमाही के आंकड़े के मुताबिक़ विकास दर 9.7 प्रतिशत रही.

'संवेदनशील'

बीजींग से बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस का कहना है कि चीन में बढ़ती महंगाई बहुत संवेदनशील मुद्दा है.

चीन में लाखों लोग अपनी आमदनी का आधा हिस्सा सिर्फ़ खाने पर ख़र्च करते हैं इसलिए बढ़ती महंगाई से सामाजिक अस्थिरता फैलने की आशंका बनी रहती है.

2008 में दुनिया भर में पैदा हुए आर्थिक संकट के असर को कम करने के लिए चीन सरकार ने बड़े पैमाने पर ख़र्च किए और लोगों को सस्ते दामों पर ऋण देने की कई योजनाएं चलाई. सरकार के इस क़दम से क़ीमतों में भारी वृद्धि हो गई.

आसानी से ऋण मिलने के कारण घर की क़ीमतों में भी बढ़ोतरी होने लगी. इसके अलावा शेयर के भाव भी बढ़ने लगे. इसके कारण ये डर भी होने लगा कि कहीं ये बढ़ोतरी बुलबुला ना साबित हो जाए.

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