ईसाईयों का सर्वेक्षण बंद

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Image caption राज्य पुलिस ने माना कि सर्वेक्षण केवल ईसाईयों का किया जा रहा था

मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस के ज़रिए किए जा रहे केवल ईसाईयों के सर्वेक्षण को बंद करने के आदेश दिए हैं.

राज्य पुलिस ने 22 मार्च को राज्य के सभी थानों को आदेश दिया था कि वो अपने क्षेत्र में ''ईसाई गतिविधियों "से जुड़ी जानकारी जुटा कर आगे भेजें.

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता फ़ादर आनंद मुन्टूगल ने राज्य पुलिस की आलोचना करते हुए कहा, " मध्यप्रदेश में ईसाईयों का अपराधियों की तरह से लेखा जोखा रखा जा रहा है जो की बहुत ही ग़लत बात है."

मध्य प्रदेश पुलिस ने अपने आदेश में ज़मीनी अधिकारीयों को कहा था कि वो अपने इलाक़ो में कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट ईसाईयों की अलग-अलग संख्या, उनकी आर्थिक स्थिती की समीक्षा, विदेशों से उन्हें मिलने वाले धन का ब्योरा जुटाएं.

राज्य पुलिस के आदेश में ये जानकारी भी जुटाने को कहा गया था कि कौन-कौन से ईसाई संगठन आपराधिक मामलों में लिप्त हैं, कौन व्यक्ति उनसे जुड़े हैं और कौन से राजनीतिक संगठन उन्हें संरक्षण देते हैं.

'महज़ एक प्रशासनिक ग़लती'

राज्य पुलिस के महानिदेशक एस के राउत ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, " ये निचले स्तर के अधिकारियों की ग़लती से जारी हुआ एक आदेश था जिसे रद्द कर दिया गया है."

जब राउत से पूछा गया कि पुलिस को इस तरह की जानकारी जुटाने की ज़रुरत क्यों महसूस हुई तो उन्होंने कहा " जानकरी की ज़रुरत तो कई मामलों में पड़ती है मसलन लोगों या पूजा स्थलों को उन्हें संरक्षण देने के लिए. यहाँ ये गलती हुई की निचले स्तर से अधिकारियों ने बिना ऊपर से अनुमोदन लिए अपने आप ये कर दिया और इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं."

राउत ने इस बात से ज़ोर देकर इनकार किया कि इस आदेश के पीछे राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी या इसके किसी नेता का कोई आदेश था.

तनाव का इतिहास

मध्य प्रदेश के कई इलाक़ो में ख़ास तौर पर मंडला, झाबुआ, अलीराजपुर जैसे आदिवासी इलाक़ों में ईसाईयों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों के बीच में तनाव का एक लंबा इतिहास है. ईसाई समुदाय के लोग संघ के ऊपर लगातार अपने खिलाफ़ हिंसा और दमन के आरोप लगाते रहे हैं और संघ परिवार इस समुदाय से जुड़े मिशनरियों पर जबरन धर्मांतरण को लेकर सवाल उठता रहा है.

झाबुआ और अलीराजपुर ज़िलों में कई बार ईसाई और हिन्दुओं के बीच दंगे हो चुके हैं और सांप्रदायिक तनाव लगातार बना रहता है.

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