रिहा होंगे सीरियाई प्रदर्शनकारी

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Image caption सीरिया में प्रदर्शनकारी सड़कों पर

सीरिया ने नई सरकार के गठन की घोषणा की है और राष्टृपति बशर अल असद ने पिछले महीने हुए उपद्रवों के दौरान गिरफ़्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने के आदेश दिए हैं.

इन घटनाओं में देश के अलग अलग भागों में कम से कम दो सौ लोग मारे गए थे जिसमें तीस से अधिक सैनिक और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

सीरिया ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि इस विरोध को कुचलने में उसे ईरान से सहायता मिल रही है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है क हमेशा की तरह राष्ट्रपति असद ने इन रियायतों की घोषणा गुरूवार को काफ़ी देर से इस उम्मीद में की है कि शायद इससे शुक्रवार की नमाज़ के बाद संभावित प्रदर्शनों की हवा निकल जाए.

नई सरकार के गठन के बाद इस घोषणा की संभावना तो व्यक्त की जा रही थी लेकिन इससे कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ेगा क्योंकि प्रशासन के पास वास्तव में बहुत कम शक्ति है.

लेकिन श्री असद ने आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न भागों से हिरासत में लिए गए सैकड़ों लोगों को भी रिहा करने के आदेश दिए हैं. इसमें वो लोग शामिल नहीं हैं जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामले हैं.

विपक्ष असद के इस कदम को तब तक संशय से देखेगा जब तक सभी क़ैदी वास्तव में रिहा नहीं हो जाते.

ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी सीरिया की सरकार पर हिरासत में लिए गए लोगों को पीटने और यातना देने के आरोप लगाए हैं.

प्रदर्शनकारियों ने इस दिन को दृढ़निश्चय का शुक्रवार कहा है. उन्होंने लोगों से कहा है कि वह आज़ादी की माँग को लेकर सड़कों पर निकल आएं.

सीरिया पर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ता रहा है कि वह आंदोलनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसक दमन का रास्ता नहीं अपनाए.

सीरिया और ईरान दोनों ने अमरीका के इन आरोपों का खंडन किया है कि सीरिया को दंगों को नियंत्रित करने और विपक्ष पर निगरानी रखने में ईरान की सहायता और सलाह मिल रही है.

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