मायावती ने आईएएस का तबादला किया

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Image caption विजय शंकर पांडे से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करने वाला है

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने करीबी समझे जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अफ़सर विजय शंकर पांडे को सचिवालय से हटाकर राजस्व बोर्ड में सदस्य के पद पर भेज दिया है.

विजय शंकर पांडे सूचना, सचिवालय प्रशासन और खाद्य तथा औषधि प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव पद पर आसीन थे.

एक अंग्रेज़ी अख़बार में ख़बर छपी है कि भारत सरकार का प्रवर्तन निदेशालय विजय शंकर पांडे से हसन अली से जुड़े मामले में पूछताछ की तैयारी कर रहा है.

हसन अली को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है और उनसे काले धन के मामले में पूछताछ जारी है.

ख़बरों के बाद

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि विजय शंकर पांडे को समाचार पत्रों में छपी ख़बरों के आधार पर पद से हटाया गया है, हालांकि सरकार के पास उनके बारे में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं है.

मीडिया में हसन अली की करोड़ों की संपत्ति और विदेशों में खातों के बारे में कई तरह की खबरें लगातार छपती रही हैं.

पुणे के निवासी हसन अली के बारे में मीडिया रिपोर्टें आती रही हैं कि उनके स्विस खातों में कथित तौर पर करोड़ो रुपए जमा हैं. सालों से आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय उनके खातों और कथित काले धन की जाँच करता रहा है.

विजय शंकर पांडे फोन नहीं उठा रहे हैं, इसलिए इस तबादले पर उनका स्पष्टीकरण प्राप्त नही हो सका है. लेकिन इतना साफ़ है कि मुख्यमंत्री मायावती विधान सभा चुनाव से पहले किसी ऐसे विवाद में नही पड़ना चाहती, जिससे उनकी छवि और ख़राब हो.

सीबीआई ने पहले ही उनके बारे में आय से अधिक संपत्ति के मामले में अभियोग पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रखी है.

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