‘लीबिया में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल’

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Image caption क्लस्टर बमों को 100 से ज़यादा देशों की ओर से प्रतिबंधित किया जा चुका है.

लीबिया में काम कर रहे एक मानवाधिकार संगठन का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी की समर्थक सेना अपने विरोधियों पर क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रही है. क्लस्टर बमों को 100 से ज़यादा देशों की ओर से प्रतिबंधित किया जा चुका है.

मानवाधिकार संगठन 'ह्यूमन राइट्स वॉच' का कहना है उसके एक फ़ोटोग्राफर ने एक रिहाइशी इलाके में ऐसे तीन बमों को फटते देखा है. यह इलाका गद्दाफ़ी के विरोधियों के कब्ज़े वाले मिसराता शहर में है.

लीबिया सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है.

साथ ही गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने लीबिया के पश्चिमी इलाके में विरोधियों के कब्ज़े वाले इकलौते शहर मिसराता में हमले और तेज़ कर दिए हैं.

'शहरों में नरसंहार होगा'

बीबीसी संवाददाता ऑरला गुएरिन के मुताबिक लीबिया के संघर्षरत शहरों से आ रही खबरों के मुताबिक स्थानीय लोगों में इस बात का डर है कि नेटो सेनाओं ने अगर स्थिती अपने नियंत्रण में लेने के लिए हमले तेज़ नहीं किए तो 'शहरों में नरसंहार होगा'.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ने मिसराता के अस्पताल में डॉक्टर, घायलों की बढ़ती संख्या से जूझ रहे हैं.

घायलों की संख्या और उनकी स्थिती लगातार बिगड़ती जा रही है और अस्पताल में उन्हें रखने की जगह नहीं है. यहां तक कि एक कार पार्किंग को 'इमरजेंसी वार्ड' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.

इस बीच बर्लिन में हुई नेटो देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस बात पर कोई निर्णय नहीं हो पाया कि नेटो को दूसरे देशों से लड़ाकू विमान मिलेंगे या नहीं.

ग़ौरतलब है कि नेटो प्रमुख एंडर्स रेसमुसन ने नेटो सहयोगियों के अलावा दूसरे देशों से भी लड़ाकू विमान दिए जाने की अपील की थी.

'गद्दाफ़ी को जाना होगा'

लीबिया में जारी संघर्ष को देखकर रुस ने कहा है कि नेटो सेनाओं की कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र की ओर से नागरिकों की सुरक्षा के लिए दी गई मंज़ूरी से आगे बढ़ चुकी है.

उधर अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस के नेताओं ने एक संयुक्त पत्र में जो़र देकर कहा है कि जब तक कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता में है तब तक लीबिया में शांति बहाल नहीं हो सकती.

अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन और फ़्रांस के राष्ट्रपति सार्कोज़ी ने कई मुख्य अख़बारों को संयुक्त पत्र लिखा है कि लीबिया में नागरिकों को बचाना भर काफ़ी नहीं है और गद्दाफ़ी को जाना होगा.

तीनों नेताओं ने कहा है कि भले ही लीबिया में सैन्य अभियान को लेकर मतभेद हों लेकिन गद्दाफ़ी पर दवाब डालने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है कि नैटो का अभियान जारी रहे.

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