मिस्र के पूर्व प्रधानमंत्री पर अभियोग

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Image caption मिस्र के पूर्व प्रधानमंत्री अहमद नज़ीफ़ पर भ्रष्टाचार के अभियोग लगाए गए

मिस्र के अभियोक्ता कार्यालय का कहना है कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री अहमद नज़ीफ़ और भूतपूर्व गृहमंत्री और वित्तमंत्री पर भ्रष्टाचार के मुक़दमे चलाए जाएंगे.

अभियोक्ता के कार्यालय ने कहा कि इन तीनों मंत्रियों पर सार्वजनिक धन का अपव्यय करने के आरोप हैं.

गृहमंत्रालय के लिए डेढ़ करोड़ डॉलर की लाइसेंस प्लेट्स बनाने के अनुबंध से संबंधित एक ऐसे सौदे की जांच हो रही है.

भूतपूर्व प्रधानमंत्री अहमद नज़ीफ़ को पहले ही हिरासत में ले लिया गया है और वो राजधानी क़ाहिरा के बाहरी इलाक़े में बने तोरा जेल में बंद हैं.

भूतपूर्व गृहमंत्री हबीब अल अदली भी तोरा जेल में हैं और उनपर मिस्र में भड़के विद्रोह के दौरान प्रदर्शनकारियों की हत्या के संबंध में मुक़दमा चल रहा है.

यूसुफ़ बुतरस ग़ाली जो हुस्नी मुबारक की सरकार में वित्तमंत्री हुआ करते थे वो देश से बाहर हैं.

इन बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार के अभियोग लगाए जाने की घोषणा से मिस्र के सुधारवादी ज़रूर ख़ुश होंगे.

पिछले कुछ सप्ताह से सत्ताधारी सैन्य परिषद पर ऐसे आरोप लग रहे थे कि वो पूर्व राष्ट्रपति और उनके निकट समझे जाने वाले नेताओं को बचाने की कोशिश कर रही है.

मुबारक की पार्टी भंग

शनिवार को मिस्र की एक अदालत ने अपदस्थ राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की पार्टी को भंग करने के आदेश दिए थे.

सर्वोच्च प्रशासनिक अदालत ने निर्देश दिए थे कि नेशनल डैमोक्रैटिक पार्टी की सारी सम्पत्ति ज़ब्त करके अंतरिम सरकार के सुपुर्द कर दी जाए.

श्री मुबारक हिरासत में हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में उनसे पूछताछ की जानी है.

हालांकि उन्हे दिल की तकलीफ़ पैदा हो गई थी इसलिए वो अस्पताल में हैं लेकिन उन्हे और उनके बेटों पर देश छोड़कर जाने पर प्रतिबंध है और उनकी सम्पत्ति पर रोक लगा दी गई है.

नेशनल डैमोक्रेटिक पार्टी का गठन होस्नी मुबारक के पूर्ववर्ती राष्ट्रपति अनवर सादात ने 1978 में की थी और तभी से वो मिस्र की राजनीति पर छाई रही है.

लेकिन इस पार्टी का विघटन प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी. और पिछले दिनों हुए विद्रोह में पार्टी के कई कार्यालयों को निशाना बनाया गया था.

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