संयुक्त राष्ट्र से ख़फ़ा राजपक्षे

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Image caption राजपक्षे ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का विरोध करने का आहवान किया है.

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने संयुक्त राष्ट्र की एक जांच के विरुद्ध एक विरोध प्रदर्शन का आहवान किया है.

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में राजपक्षे सरकार पर दो साल पहले ख़त्म हुई तमिल छापामारों के ख़िलाफ़ लड़ाई के अंतिम चरण में युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप लगाए गए हैं.

श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे इन आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने 'मई दिवस' की रैलियों का इस्तेमाल सरकार के प्रति समर्थन जताने के लिए प्रयोग करने के संकेत दिए हैं.

राष्ट्रपति राजपक्षे ने शनिवार को अपने राजनीतिक दल श्रीलंका फ़्रीडम पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए था कि वे युद्ध अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय मांग का विरोध करने के लिए मई दिवस प्रयोग करें.

राष्ट्रपति कार्यालय की ओर इस भाषण की ऑडियो टेप जारी की गई है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक भाषण में राजपक्षे ने कहा, "अब तक हमने अपनी ताक़त नहीं दिखाई है लेकिन अब मई दिवस के अवसर पर हम अपनी ताक़त दिखाएंगे."

संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्ट अभी प्रकाशित नहीं हुई है लेकिन एक श्रीलंकाई अख़बार ने इस जांच के कथित हिस्सों का संक्षिप्त विवरण छापा है.

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