फ़ुकुशिमा संयंत्र के भीतर गए रोबोट

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Image caption पैकपॉट नाम का ये रोबोट फ़ुकुशिमा संयंत्र की भीतर गया.

जापान में भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र में विकिरण के स्तर को मापने के लिए रोबोट अंदर भेजे गए हैं.

इन रोबोट ने संयंत्र के भीतर के हालात को मुनष्यों के लिए ख़तरनाक पाया है जिससे रिएक्टरों को काबू में लाने की कोशिशें और जटिल हो गई हैं.

जापान की परमाणु सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि संयंत्र के भीतर की परिस्थितियां मनुष्यों के काम करने के अनुकूल नहीं हैं.

रविवार को फ़ुकुशिमा संयंत्र को चलाने वाली कंपनी टोक्यो इलैक्ट्रिक पॉवर ने कहा था कि फ़ुकुशिमा में स्थिति नियंत्रित करने में कम से कम छह माह का वक़्त लगेगा.

जापान की सरकार ने भी कहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो टेपको की समयसीमा के भीतर स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी.

सरकारी कार्रवाई से लोग असंतुष्ट

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Image caption विपक्ष ने नाओटो कान के नेतृत्व को कमज़ोर बताया है.

जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव युकियो इडानो ने कहा है कि संयंत्र के आस-पास के क्षेत्रों से विस्थापित लोगों को दोबारा अपने घरों में लौटने दिया जाएगा लेकिन ये कहना मुश्किल है कि ऐसा कब तक मुमकिन होगा.

उधर जापान में करवाए गए सर्वेक्षण में दो तिहाई लोगों ने कहा है कि वे परमाणु सकंट से निबटने के लिए उठाए गए सरकारी क़दमों से असंतुष्ट हैं.

सर्वे में ये भी पाया गया कि अधिकतर जापानी भूकंप और सुनामी के बाद हुई तबाही से निपटने के लिए अधिक टैक्स देने को तैयार है.

विपक्ष ने प्रधानमंत्री नाओटो कान पर कमज़ोर नेतृत्व का आरोप लगाया है. उधर प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी जापान के पुनर्निमाण से पहले त्यागपत्र देने की कोई योजना नहीं है.

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