चेर्नोबिल सुरक्षा फ़ंड में पैसों की कमी

Image caption चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र

चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र में नए सुरक्षा उपाय करने के लिए ज़रूरी पैसों का इंतज़ाम नहीं हो पा रहा है. पैसा इकट्ठा करने के लिए जो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया गया था, उसमें लक्ष्य से 25 प्रतिशत कम राशि ही जुटाई जा सकी है.

यूक्रेन की सरकार ने बताया है कि परमाणु विकिरण आस पास के क्षेत्र को बचाने के लिए संयंत्र को नए सुरक्षा कवच से ढंकने की ज़रूरत है लेकिन इसके निर्माण के लिए ज़रूरी 740 मिलियन यूरो में से 550 मिलियन यूरो ही जुटाए जा सके हैं.

हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच ने बताया कि ये अभी प्रारंभिक आंकड़े ही हैं.

1986 में यूक्रेन के चेर्नोबिल में हुए विश्व के सबसे बड़े परमाणु हादसे ने यूरोप के बड़े हिस्से में परमाणु विकिरण फैलाया था.

राजधानी कीव में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति यानुकोविच ने कहा, ''चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र हादसे ने इतना गहरा घाव दिया है जिसका असर आनेवाले कई वर्षों तक महसूस होता रहेगा. इस समस्या के साथ यूक्रेन को अकेला न छोड़ने के लिए हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं.''

चेर्नोबिल परमाणु हादसा

राष्ट्रपति यानुकोविच ने कहा है कि चेर्नोबिल को पारिस्थितिकीय रूप से सुरक्षित संयंत्र बनाने के लिए ये ज़रूरी हो गया है कि दुर्घटनाग्रस्त रिएक्टर के चारों तरफ़ एक नया सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाए और साथ ही इस्तेमाल हो चुके ईंधन को जमा करने की भी सुरक्षित व्यवस्था की जाए.

उन्होंने कहा,''परमाणु हादसे ने लाखों लोगों को प्रभावित किया, हज़ारों लोग मारे गए और दसियों हज़ार लोग अब भी उसका दुष्प्रभाव झेल रहे हैं.''

चेर्नोबिल के रिएक्टर संख्या चार में हुए धमाके के तुरंत बाद कम से कम तीस लोग मारे गए थे, जबकि बाक़ी लोग बाद में विकिरण से जुड़ी कैंसर जैसी बीमारियों के शिकार हो हुए. इस हादसे में मारे गए लोगों की सही संख्या को लेकर आज भी विवाद जारी है.

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Image caption चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र

राशि जुटाने के लिए हुआ सम्मेलन और उसके ठीक बाद ही परमाणु ऊर्जा के विषय पर हुआ एक अन्य सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुए जब अगले हफ़्ते ही चेर्नोबिल हादसे की 25वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है.

सम्मेलन की योजना कई सालों से बनाई जा रही थी लेकिन जापान के फूकूशिमा परमाणु संयंत्र में जारी संकट ने इसे प्रासंगिक बना दिया.

यूरोपीय संघ और यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक के साथ मिलकर यूक्रेन की सरकार चेर्नोबिल के दुर्घटनाग्रस्त रिएक्टर और स्टील के मौजूदा ढांचे को ढंकने के लिए एक विशालकाय कवच का निर्माण कर रही है.

विशालकाय कवच

विकिरण के ख़तरे को रोकने के लिए रिएक्टर के चारों ओर स्टील का ये ढांचा 1986 के परमाणु हादसे के तुरंत बाद ही बनवा दिया गया था लेकिन अब इसकी मियाद पूरी होने वाली है.

नया ढांचा अपनी तरह का दुनिया का सबसे बड़ा ढांचा होगा. इसकी मेहराब सौ मीटर ऊंची, ढाई सौ मीटर चौड़ी और 160 मीटर लंबी होगी.

इसे चेर्नोबिल संयंत्र से दूर तैयार किया जाएगा और फिर इसे दुर्घटनाग्रस्त रिएक्टर के चारों तरफ़ व्यवस्थित कर दिया जाएगा. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस कवच की वजह से यूक्रेन को परमाणु कचरे के निपटारे के लिए के लिए सौ साल का समय मिल जाएगा.

यूरोपीय संघ के अध्यक्ष होज़े मैनुएल बर्रोसो ने सोमवार को कहा कि आयोग इस काम और इससे जुड़ी चेर्नोबिल की दूसरी परियोजनाओं के लिए 110 मिलियन अतिरिक्त यूरो का आवंटन करेगा. उन्होंने कहा,''फुकुशिमा की हाल की घटनाओं ने हमें इस ख़तरे के प्रति दोबारा सोचने पर मजबूर किया है. आज हमें अपनी एकजुटता को और मज़बूत बनाने की ज़रूरत है.''

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