भ्रष्ट अफ़सरों का बहिष्कार करें: मनमोहन

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Image caption मनमोहन सिंह को जवाब देने पड़ रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकारी अधिकारियों से कहा है कि वो अपने से वरिष्ठ ओहदेदारों, ख़ास तौर पर राजनीतिज्ञों को सलाह देते समय निर्भीक और ईमानदार रहें.

राजधानी में प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक में प्रधानमंत्री ने सरकारी अधिकारियों से कहा कि, “भ्रष्ट सहयोगियों का बहिष्कार और उनकी करतूतों को अस्वीकार करने से उन्हें भ्रष्टाचार के रास्ते से रोका जा सकता है.”

प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि जनता में अब भ्रष्टाचार को सहन करने का सब्र नहीं रह गया है.

उन्होंने कहा कि सरकार को इस चुनौती का सीधी तौर पर मुक़ाबला करना होगा क्योंकि लोग कड़ी और तुरंत कार्रवाई की उम्मीद रखते हैं.

मनमोहन सिंह ने कहा, “जनता में ये भावना बढ़ती जा रही है कि हमारे क़ानून, व्यवस्था और प्रक्रियाएँ भ्रष्टाचार से निपटने में कारगर नहीं हैं.”

नैतिकता का मानदंड

आइएएस और आइपीएस अफ़सरों को सलाह देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को अपने मातहत लोगों को सही दिशा में बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.

प्रस्तावित लोकपाल विधेयक पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मंत्रियों और समाज के प्रतिनिधियों की एक समिति लोकपाल विधेयक के मसौदे को अंतिम स्वरूप देने में जुटी है और हमें उम्मीद है कि इसे संसद के मॉनसून सत्र में पेश कर दिया जाएगा.”

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नैतिकता से नए मानदंड स्थापित करने चाहिए.

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