बहरीन में सरकारी कार्रवाई पर चिंता

  • 22 अप्रैल 2011
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Image caption बहरीन में सरकारी विरोधी प्रदर्शन

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बहरीन में चारों तरफ़ आतंक का बोलबाला है.

जिन सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें कई डॉक्टर और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. प्रदर्शनों में भाग लेने के बाद कई लोग अपनी नौकरियों से हाथ धो बैठे हैं.

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार गिरफ़्तार किए गए लोगों का कोई अता-पता नहीं है, उनसे कोई बात नहीं कर सकता और चार लोगों की हिरासत में मौत हो गई है.

फ़िज़िशियंस फॉर ह्यूमन राइट्स का मानना है कि डॉक्टरों को जानबूझ कर निशाना बनाया गया है क्योंकि उन्होंने घायल हुए प्रदर्शनकारियों का इलाज किया है और सुरक्षाबलों की ज़्यादतियों के सबूतों को देखा है.

खंडन

बहरीन प्रशासन ने डॉक्टरों को अँधाधुँध निशाना बनाए जाने का खंडन किया है. उनके प्रवक्ता ने कहा, "चिकित्सीय सुविधाओं में राजनीतिक और अलगाववादी तत्व घुसे हुए हैं."

रेड क्रॉस ने माँग की है कि उसे गिरफ़्तार किए गए सभी लोगों से मिलने दिया जाए लेकिन अभी तक उसे कोई जवाब नहीं मिला है.

बढ़ती चिंता के बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बहरीन के सहयोगियों से कहा है कि वह मानवाधिकार संकट को ख़त्म करने के लिए उस पर दबाव बनाएं.

ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी बहरीन की सरकार से कहा है कि वह कानून के अनुसार काम करें. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं की गिरफ़्तारी, हिरासत में मौत, यातना देने के आरोप और इलाज की सुविधा न दिए जाने की ख़बरें अत्यंत चिंताजनक हैं.

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