मिस्र को ईवीएम देने की पेशकश

Image caption इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि होस्नी मुबारक के शासनकाल के बाद मिस्र में होने वाले चुनाव में भारत उसको इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें उपलब्ध कराएगा.

उन्होंने इन मशीनें को लोकतंत्र के 'आश्चर्य' की संज्ञा दी है. मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी पाँच दिनों की यात्रा पर मिस्र गए हुए हैं.

उनकी यात्रा का उद्देश्य मिस्र के अधिकारियों को भारत की चुनाव प्रणाली और ईवीएम के बारे में जानकारी देना है.

कुरैशी का कहना है कि भारत चुनाव की अंतरराष्ट्रीय निगरानी का समर्थन नहीं करता इसलिए वह मिस्र में होने वाले चुनाव की निगरानी में भाग नहीं लेगा.

चुनाव

पाँच सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे कुरैशी ने मिस्र के न्याय और संचार मंत्री से बात करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मिस्र को ईवीएम दे कर भारत को ख़ुशी हो रही है क्योंकि चुनाव के लिए बहुत ज़्यादा समय नहीं बचा है."

मिस्र के सैनिक शासकों ने पिछले महीने एक अंतरिम संविधान की घोषणा की थी और कहा था कि नवंबर तक ऱाष्टृपति चुनाव करा लिए जाएंगे.

कुरैशी ने भारत और मिस्र के बीच अच्छे संबंधों का स्वागत किया है और कहा है कि इन दोनों देशों में ही दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताएं मिलती हैं. मिस्र में प्रजातंत्र उभर रहा है और भारत अपना सारा अनुभव उनके साथ बाँटने के लिए तैयार है.

मिस्र के इतिहास में 2005 के बाद यह दूसरे राष्टृपति चुनाव होंगे. हुस्नी मुबारक को फ़रवरी में सत्ता से हटना पड़ा था. अनवर सादात की हत्या के बाद 1981 से वे लगातार मिस्र के राष्टृपति रहे हैं.

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