लीबिया में पहला ड्रोन हमला

  • 23 अप्रैल 2011
ड्रोन इमेज कॉपीरइट AP

अमरीकी सेना ने इसकी पुष्टि की है कि लीबिया में पहली बार चालक रहित ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने यह जानकारी नहीं दी है कि ड्रोन हमले में किस इलाक़े को निशाना बनाया गया.

पेंटागन ने इतना ज़रूर बताया है कि स्थानीय समय के मुताबिक़ दोपहर में हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हुआ.

शहरी इलाक़ों में स्थित सैनिक ठिकानों को ड्रोन से आसानी से निशाना बनाया जा सकता है और इसमें लोगों के हताहत होने का कम ख़तरा रहता है.

शनिवार के ड्रोन हमले से पहले दो चालक रहित विमान पहले से ही लीबिया की हवाई सीमा में निगरानी का काम कर रहे थे.

लड़ाई

गुरुवार को अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने घोषणा की थी कि लीबिया में ड्रोन हमले के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हरी झंडी दे दी है.

इससे पहले लीबिया की सरकार ने चेतावनी दी थी कि मिस्राता शहर में कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थक क़बायली लोग विद्रोहियों से लड़ाई में सामने आ सकते हैं.

लीबिया के विदेश उप मंत्री ख़ालिद क़ैम ने कहा है कि सेना इस इलाक़े से हट रही है और हो सकता है कि क़बायली लोग आम नागरिकों की मौत पर संयम न दिखा पाएँ.

लेकिन बेनग़ाज़ी में बाग़ियों के एक प्रवक्ता ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी खेल कर रहे हैं और वे अपने सैनिकों को मिस्राता छोड़ने की अनुमति नहीं देंगे.

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि लीबिया में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

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