जनाज़े के दौरान हिंसा, 12 की मौत

  • 23 अप्रैल 2011
सीरिया इमेज कॉपीरइट Reuters

सीरिया में मारे गए प्रदर्शनकारियों के जनाज़े के दौरान सेना की गोलीबारी में कम से कम 12 लोगों के मारे जाने का समाचार है. प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की घटनाएँ डूमा, होम्स और एज़रा में हुई हैं.

इस बीच अल जज़ीरा टीवी के मुताबिक़ सीरिया के दो सांसदों ने शुक्रवार को हुई हिंसा के विरोध में इस्तीफ़ा दे दिया है. इस्तीफ़ा देने वाले सांसदों के नाम हैं- ख़लील अल रिफ़ाई और नसीर अल हरीरी.

इस बीच शुक्रवार को हुई भारी हिंसा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी आलोचना हो रही है. शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद प्रदर्शनकारियों पर हुई गोलीबारी में 82 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

बेरूत से बीबीसी संवाददाता ओवेन बेनेट जोंस का कहना है कि विदेशी पत्रकार सीरिया में जा नहीं पा रहे और ज़्यादातर रिपोर्टिंग विपक्षी कार्यकर्ताओं की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे वीडियो फ़ुटेज से हो रही है.

सरकारी समाचार एजेंसी का कहना है कि सेना को कई डिजिटल कैमरे मिले हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के बनावटी वीडियो थे.

आलोचना

एजेंसी का ये भी दावा है कि अपराधी गैंग वाले लोग झूठी फ़िल्में बनाने के लिए ख़ून की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे है. एजेंसी का कहना है कि देश के कुछ हिस्सों में सीमित प्रदर्शन हुए हैं और हिंसा का काम अपराधी गैंग का है.

इस बीच शुक्रवार को सीरिया में हुई हिंसा की कड़ी आलोचना हो रही है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने सीरिया में हुई हत्याओं की स्वतंत्र जाँच की मांग की है और कहा है कि सीरिया को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का सम्मान करना चाहिए.

ब्रिटेन ने हिंसा को अस्वीकार्य बताया है तो अमरीका ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को घृणित बताया है. अमरीका ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर आरोप लगाया है कि वे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए ईरान की सहायता ले रहे हैं.

एक बयान जारी करके अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, "प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक कार्रवाई बंद होनी चाहिए. अपने लोगों की सुनने की बजाए राष्ट्रपति असद बाहरी लोगों पर आरोप लगा रहे हैं."

लेकिन अभी तक सीरियाई सरकार की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

संबंधित समाचार