इतिहास के पन्नों में

  • 23 अप्रैल 2011
एड्स वॉयरस
Image caption एचटीएलवी-3 वॉयरस मानव में पाए जानेवाले कैंसर वॉयरस की एक क़िस्म है.

यदि इतिहास के पन्नों में झांके तो अप्रैल 23 की कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं - बड़े ग़ुलाम अली ख़ान का निधन, एड्स वॉयरस की खोज और कोका कोला कंपनी का बाज़ार में एक नए फ़ार्मूले के साथ उतारना.

1968-संगीतकार बड़े ग़ुलाम अली ख़ान का निधन

भारतीय संगीत परंपरा के पुरोधा उस्ताद ग़ुलाम अली ख़ान का हैदराबाद में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. अविभाजित पंजाब के कसूर में जन्मे बड़े

ग़ुलाम अली ख़ान का तालुक्क़ पाटियाला घराने से था. गाते वक़्त उनके साथ मौजूद साज़ 'क़ानून' उनकी ख़ास पहचान थी जिसकी ईजाद कहा जाता है

कि उन्होंने ख़ुद ही की थी. ग्वालियर, ध्रूपद, जयपुर और पाटियाला कसूर जैसी भारतीय संगीत की कई परंपराओं को समागम करती उनकी आवाज़ में एक

अजीब सा जादू था जो सुननेवालों में समा बाँध देता था.

1984-एड्स वायरस की खोज

अमरीका की स्वास्थ्य मंत्री माग्रेट हेकलर ने एड्स वॉयरस के खोज की घोषणा वाशिंगटन में की. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये वॉयरस मानव में पाए जानेवाले

कैंसर वॉयरस एचटीएलवी-3 की एक क़िस्म है.

एड्स या एक्वायर्ड इम्म्यून डिफ़िशिएंसी सिंर्डोम प्रतिरक्षा तंत्र (शरीर में बीमारियों से लड़ने की शक्ति) को कम कर देता है जिसकी वजह से इससे पीड़ित व्यक्ति

में कोई मामूली सी बीमारी भी भंयकर रूप ले सकती है. सैमलंगिकों, अति रक्तस्त्रावी व्यक्ति, नशीली पदार्थो का सेवन करनेवाले और जिन्हें किसी वजह से

ख़ून चढ़ाया गया हो जैसे लोगों में इस वॉयरस के फैलने का ख़तरा सबसे ज़्यादा होता है.

अमरीका में 1981 में इस बीमारी के सामने आने के बाद अबतक दुनिया भर में लगभग ढाई करोड़ लोग इस वॉयरस की घाट उतर चुके हैं. दक्षिण अफ्रीक़ा

में जहाँ ये एक महामारी का रूप अख़्तियार कर चुका है सिर्फ साल 2001 में ही एड्स से 20 लाख लोग मारे गए थे.

अबतक अरबों रूपए ख़र्च किए जाने के बाद भी एड्स का कोई टीका नहीं ढ़ूंढा जा सका है.

1985-नया कोक बाज़ार में

अमरीकी कोल्ड ड्रिंक्स कंपनी कोका कोला ने 99 साल बाज़ार में रहने के बाद इसी दिन एक नए फ़ार्मूले के साथ 'नया कोक' उपभोक्ताओ के सामने पेश

किया. ये कोका कोला कंपनी के लिए बाज़ार में बहुत बड़ा ख़तरा उठाने की तरह था. कंपनी ख़ुद स्वीकार करती है कि उसका इरादा उपभोक्ताओं की नाराज़गी

मोल लेना नहीं था बल्कि वो उन्हें लोगों को एक नया प्रोडक्ट देना चाहते थे. बहरहाल कंपनी को लगभग तीन महीने के विरोध के बाद उसे वापस लेना

पड़ा.

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