मिस्राता में सैन्य कार्रवाई बंद

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Image caption मिस्राता में सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा के बावजूद गोलाबारी

लीबिया का कहना है कि मिस्राता शहर में मौजूद विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई रोक दी गई है.

लेकिन वहां से विस्फोटों और गोलाबारी की आवाज़ें आ रही हैं.

रविवार की सुबह लीबिया के विदेश उपमंत्री श्री ख़ालिद काइम ने कहा कि सशस्त्र बल मिस्राता से निकले नहीं है लेकिन उन्होने अपनी कार्रवाई को रोक दिया है क्योंकि वहां के क़बाइली नेताओं ने मिस्राता में सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए कुछ क़दम उठाने का फ़ैसला किया है.

लेकिन संवाददाताओं ने ख़बर दी है कि शहर में रॉकेट फटने और स्वाचालित हथियारों की गोलीबारी की आवाज़ें आ रही हैं.

मिस्राता में क्या चल रहा है इसे लेकर काफ़ी भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

कल रात लीबिया के टेलिविज़न ने दावा किया था कि विद्रोहियों के नियंत्रण वाले पूर्वी शहर बैंगाज़ी और तोबरुक सरकारी बलों के हाथ में आ गए हैं. लेकिन ये सच नहीं है और पूर्वी लीबिया विपक्ष के क़ब्ज़े में है.

क़बाइली नेता नाराज़

विदेश उपमंत्री ने शनिवार को कहा था कि मिस्राता के आस पास के क़बीलों ने सेना को अल्टिमेटम दिया है कि अगर वह विद्रोहियों को नहीं हरा पाती तो उनके लड़ाके ये काम पूरा करेंगे.

श्री काइम ने कहा कि क़बाइली नेता नाराज़ हैं कि लड़ाई की वजह से सामान्य जनजीवन और व्यापार ठप्प हो गया है.

लेकिन इन क़बीलों की वफ़ादारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.

कुछ क़बीले करनल गद्दाफ़ी के समर्थक हैं लेकिन विपक्ष का कहना है कि मिस्राता के ग़ैर अरब क़बीले विद्रोहियों के साथ हैं और उनके साथ लड़ाई लड़ रहे हैं.

मिस्राता लीबिया का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और देश के पश्चिमी हिस्से में विद्रोहियों का प्रमुख गढ़ भी है.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यहां चल रही लड़ाई में अब तक एक हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं.

शनिवार को हुई लड़ाई में कम से कम 24 लोग मारे गए थे और 100 घायल हुए थे.

त्रिपली पर हमले

इस बीच लीबिया की सरकारी समाचार एजेंसी जाना ने कहा है कि नेटो के विमानों ने राजधानी त्रिपली और अन्य शहरों में कई हवाई हमले किये हैं.

त्रिपली में मौजूद विदेशी पत्रकारों ने बताया कि शनिवार की रात को उन्हे तीन भारी विस्फोट सुनाई दिए.

अमरीका ने भी इस बात की पुष्टि की कि उसके मानवरहित ड्रोन विमान ने लीबिया पर पहली बार हमले किए और मिस्राता के निकट सरकार के एक रॉकेट लॉंचर को नष्ट कर दिया.

नेटो ने एक बयान में कहा कि पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र का मिशन संभालने के बाद से उसने 3000 से ज़्यादा हमले किए हैं जिनमें टैंको, रॉकेट लॉंचरों, बख़्तरबंद गाड़ियों और युद्धक सामग्री की डिपो को निशाना बनाया गया.

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