गद्दाफ़ी के परिसर पर नैटो की बमबारी

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Image caption बताया गया है कि इन इमारतों में गद्दाफ़ी बैठकें करते रहे हैं

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में नैटो के लड़ाकू विमानों ने कर्नल मुअमर गद्दाफ़ी के परिसर पर बमबारी की है.

इसमें तीन इमारतों के बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की ख़बरें हैं. ख़बरें हैं कि इनमें से एक इमारत की छत में छेद हो गया है.

लीबिया के अधिकारियों का कहना है कि ये वो इमारतें हैं जहाँ कर्नल गद्दाफ़ी अपनी बैठकें किया करते थे.

इससे पहले आधी रात के बाद नैटो के लडा़कू विमानों ने त्रिपोली के ऊपर उड़ाने भरीं और उसके बाद विस्फोटों की आवाज़ें सुनाई पड़ीं जिसकी वजह से तीन टेलीविज़न स्टेशनों का प्रसारण का प्रसारण थोड़ी देर के लिए ठप पड़ गया.

संवाददाताओं का कहना है कि ये त्रिपोली में अब तक का सबसे बड़ा हमला है.

मिसराता में हमले

नैटो की सेना ने मुअमर गद्दाफ़ी की सेना पर इसलिए हमले किए हैं क्योंकि वे विद्रोह पर उतर आए हैं.

रविवार को कर्नल गद्दाफ़ी की सेना ने पश्चिमी शहर मिसराता के कई इलाक़ों में बमबारी की. बावजूद इसके कि उन्होंने हमले बंद कर दिए हैं क्योंकि वे चाहते हैं क़बायली नेता विद्रोहियों के साथ बातचीत कर सकें.

इस बमबारी में शहर के मध्य को और तीन आबादी वाले ज़िलों को निशाना बनाया गया. इसमें कम से कम छह लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.

गद्दाफ़ी समर्थक सेना के गिरफ़्तार किए गए एक सैनिक ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि वे मिसराता में हार की ओर बढ़ रहे हैं.

एजेंसी के अनुसार विद्रोहियों के साथ लड़ रहे लिली मोहम्मद ने कहा, "बहुत से सैनिक आत्मसमर्पण करना चाहते हैं लेकिन उन्हें डर है कि इसके बाद विद्रोही उन्हें मार देंगे."

रविवार को लीबिया के विदेश उपमंत्री ख़ालिद कैम ने कहा था कि सेना हमले रोक रही है क्योंकि वे चाहते हैं कि क़बायली नेता इस लड़ाई का सैन्य नहीं बल्कि कोई शांतिपूर्ण हल निकालें.

लेकिन विद्रोहियों की सेना के कर्नल उमर बानी का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी अपने विरोधियों में दरार डालने के लिए 'एक गंदा खेल खेल रहे हैं'.

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