हड़ताल के कारण कई उड़ानें रद्द, यात्री नाराज़

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एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन जारी है. इस वजह से देश भर में कई हवाईअड्डों पर यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उड़ानें या तो रद्द कर दी गई हैं या फिर उनमें देरी हो रही है.

एयर-इंडिया दिन में 320 उड़ानें भरती है, लेकिन हड़ताल की वजह से उड़ानों में गुरुवार को 18 प्रतिशत की कटौती की गई है, यानी आम दिनों की बजाय गुरुवार को 45 उड़ानें कम होंगी.

दोपहर 12 बजे तक एयर इंडिया ने 58 उड़ानें भरी थीं और पिछले 12 घंटों में 16 उड़ानें रद्द की गईं.

उधर एयर इंडिया के मुताबिक़ कंपनी ने यात्रियों की मदद के लिए अपने कॉल सेंटर ऑपरेशन मज़बूत किए हैं और प्रमुख हवाईअड्डों में यात्रियों की मदद के लिए कर्मचारियों की तादाद बढ़ाई गई है ताकि उन्हें दूसरी एयरलाइंस में सीट दिलाने में मदद की जा सके या फिर अपने टिकट का रिफ़ंड मिल सके.

प्रबंधन ने फिर पायलटों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है.

छुट्टियों का समय होने के कारण इनदिनों यात्रियों की संख्या ज़्यादा रहती है. आधी रात के बाद से एयर इंडिया की 20 से ज़्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं जिसमें दिल्ली-मुंबई सेक्टर, लेह, काठमांडू, बैंगकॉक की उड़ानें शामिल है.

बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने पायलटों से कहा था कि वे जनहित में अपनी हड़ताल वापस ले लें.

क़रीब 600 पायलट विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार आधी रात को अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले गए थे.

इसके बाद एयर इंडिया ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए छह पायलटों को बर्ख़ास्त कर दिया था और चार को निलंबित.

विवाद

नागरिक उड्डयन मंत्री वयलार रवि ने कहा है कि सरकार पायलटों की मांगों के आगे नहीं झुक सकती.

हड़ताल पर जाने वाले ये पायलट इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) का हिस्सा हैं.

2007 में इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया के साथ हुए विलय से पहले ये पायलट इंडियन एयरलाइंस के कर्मचारी थे.

2007 में हुए इस विलय से पहले इंडियन एयरलाइंस घरेलू विमान सेवा थी, जबकि एयर इंडिया अंतरराष्ट्रीय सेवा.

उधर प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में आईसीपीए ने कहा है कि पिछले दो सालों से मिली-जुली कंपनी एनएसीआईएल (नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड) की हालत ख़राब हुई है और वो कर्ज़ के बोझ तले दबी हुई है.

एयर इंडिया ने हड़ताल को ग़ैर क़ानूनी बताया है. साथ ही मैनेजमेंट ने आईसीपीए की मान्यता रद्द कर दी गई है और इसके दफ़्तर भी सील कर दिए गए हैं.

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