नैटो हमले में ग़द्दाफ़ी के बेटे की मौत

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राजधानी त्रिपोली पर हुए एक नैटो हमले में लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ गद्दाफ़ी मारे गए हैं.

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि हमले के वक्त ग़द्दाफ़ी भी उसी भवन में मौजूद थे लेकिन वो सुरक्षित हैं.

मगर हमले में उनके बेटे और तीन पोते मारे गए हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और एक जीवित बम वहाँ अभी भी मौजूद है.

सैफ़ अल-अरब, ग़द्दाफ़ी के छह बेटों में सबसे छोटे थे और अपने भाई सैफ़ अल-इस्लाम के मुक़ाबले सार्वजनिक जीवन से थोड़ा अलग-थलग थे.

वो जर्मनी में शिक्षा प्राप्त कर रहे थे और हाल में ही लीबिया वापस आए थे.

सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहीम ने कहा है कि भवन पर "पूरी शक्ति" के साथ हमला किया गया.

इस बीच नेटो ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि उसने राजधानी त्रिपोली के पास कर्नल गद्दाफ़ी के एक सैन्य ठिकाने पर निशाना साधते हुए हमला किया.

नेटो का कहना है कि जानमाल और बेगुनाह लोगों को कम से कम नुकसान पहुंचाने के मकसद से सुरक्षाबलों ने बेहद सावधानी के साथ यह हमला किया और जानमाल को हुए किसी भी नुकसान पर उसे खेद है.

हालांकि नेटो ने इस हमले में कर्नल गद्दाफ़ी के परिवार के किसी सदस्य के मारे की पुष्टि नहीं की.

'नेता की हत्या के लिए हमला'

मूसा इब्राहीम ने कहा कि इस हमले में कर्नल ग़द्दाफ़ी के 29 वर्षीय पुत्र सैफ़ अल-अरब ग़द्दाफ़ी और गद्दाफ़ी के तीन पोते मारे गए हैं.

उन्होंने कहा, "ये कार्रवाई इस देश के नेता की हत्या करने के लिए की गई थी."

सरकारी प्रवक्ता का कहना था कि हमले के वक़्त कर्नल ग़द्दाफ़ी अपनी पत्नी, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ भवन में मौजूद थे.

लीबिया में फ़रवरी से ही कर्नल ग़द्दाफ़ी के सत्ता से हटने की मांग को लेकर प्रर्दशन जारी हैं. ग़द्दाफ़ी लगभग चार दशकों से लीबिया की सत्ता पर काबिज़ हैं.

हालांकि उनका कहना है कि लीबिया एक 'जमहूरिया' है और उनके पास कोई पद नहीं है.

पिछले महीने से संयुक्त राष्ट्र में लिए गए फैसले के तहत एक अंतरराष्ट्रीय सेना विद्रोहियों की मदद कर रही है. कुछ समय लीबिया में चालक रहित विमान यानि ड्रोन के इस्तेमाल का निर्णय भी लिया गया था.

'अंतरराष्ट्रीय क़ानून के विरूद्ध'

मूसा इब्राहीम ने कहा कि नैटो का हमला अंतरराष्ट्रीय क़ानून के विरूद्ध है.

उन्होंने कहा, "दुनिया को इस मामले को गहराई से देखना चाहिए क्योंकि यहाँ तो जंगल राज स्थापित हो गया है."

उन्होंने आरोप लगाया कि लीबिया पर हमले कर रहे देश शांति नहीं चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ''आखिर ये कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा के लिए किस तरह ज़रुरी थी. सैफ़ अल-अरब एक छात्र थे. वो उस वक्त अपने पिता, अपनी मां और बच्चों के साथ खेल रहे थे. वो बेगुनाह थे फिर भी उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया.''

मूसा इब्राहीम ने कहा कि लीबियाई सरकार कई बार कह चुकी है कि वह युद्ध-विराम, शांति-समझौतों और सुधारों के लिए तैयार है.

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