येदयुरप्पा के पास बहुमत है: भारद्वाज

एचआर भारद्वाज

कर्नाटक राज्य में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने कहा है कि मुख्यमंत्री बीएस येदयुरप्पा के पास पूर्ण बहुमत है और इसमें कोई संदेह भी नहीं है.

एक सार्वजनिक समारोह के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदयुरप्पा के साथ मंच पर आसीन रहते हुए राज्यपाल भारद्वाज ने दोनों के बीच के मतभेदों को नज़रंदाज़ करने की ओर इशारा किया.

गौरतलब है कि राज्यपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन की सिफ़ारिश की थी. भाजपा इसके विरोध में अपने सारे विधायकों को लेकर राष्ट्रपति भवन पहुंची थी, जहां उन्होंने राज्यपाल को हटाए जाने की मांग रखी थी.

कर्नाटक लोक सेवा आयोग के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री और राज्यपाल एक दूसरे के अगल-बगल विराजे और दोनों ने एक दूसरे से बातचीत भी की.

अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने कहा, "इस बात को समझने की ज़रुरत है कि मुख्यमंत्री राज्य का चुना हुआ प्रतिनिधि होता है. मुख्यमंत्री के पास बहुत बड़ा बहुमत है, इसमें किसी को श़क नहीं और हम अच्छे दोस्त भी हैं. इस तरह के राजनीतिक तनाव अप्रासंगिक है. हमें संविधान और कानून के प्रति समर्पित होना चाहिए."

हालांकि कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी की उन मांगों को ख़ारिज कर दिया जिसमे उन्हें पद से हटाए जाने की बात कही गयी थी.

ये कहते हुए कि किसी भी राज्यपाल को पद से हटाने का अधिकार सिर्फ़ भारत के राष्ट्रपति को है एचआर भारद्वाज ने कहा, "मुझे इस बात का भलीभांति पता है कि मुझे संविधान का पालन करना है."

'विशेष रिपोर्ट'

गत सोमवार को ही कर्नाटक राज भवन से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया था कि राज्य में 16 विधायकों की अयोग्यता पर 13 मई के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को देखते हुए स्थिति की समीक्षा के बाद राज्यपाल की ओर से केंद्र को एक विशेष रिपोर्ट भेजी गई है.

राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने केंद्र को भेजी इस विशेष रिपोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफ़ारिश की थी.

इस रिपोर्ट में राज्यपाल ने कहा था कि राज्य में संवैधानिक संकट है और मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने वोटिंग के दौरान संवैधानिक अधिकार का दुरुपयोग किया था.

राज्यपाल भारद्वाज की सिफ़ारिश के बाद भाजपा नेताओं के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की और राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग की थी.

मंगलवार तक पार्टी से भरपूर समर्थन मिलने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदयुरप्पा ने भी वरिष्ठ भाजपा नेताओं और कर्नाटक विधानसभा में भाजपा विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मिलकर राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग रखी थी.

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