ओसामा की मौत: कुछ अहम सवाल

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Image caption इसी इमारत में ओसामा बिन लादेन को मारा गया

अमरीका की 'नेवी सील्स' के कमांडो ने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने ने कई सवालों को जन्म दिया है और उनमें से बहुतों के स्पष्ट जवाब अभी तक नहीं आए हैं.

प्रस्तुत है उनमें से कुछ सवालों के जवाब.

बिन लादेन को कैसे ढ़ूँढ़ा गया ?

अमरीका को जिस व्यक्ति की सबसे ज़्यादा तलाश थी, उसे ढ़ूँढ़ने में कई साल लग गए.

ओसामा बिन लादेन तक उनके एक संदेश वाहक के ज़रिए पहुँचा गया.

सीआईए और अमरीका की दूसरी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने वर्ष 2007 में उसकी शिनाख़्त कर ली थी.

वर्ष 2010 के मध्य में उसका पीछा करते हुए यह पता लगा लिया गया था कि ओसामा इस्लामाबाद के उत्तर पूर्व स्थित ऐटबाबाद में पाकिस्तान सैन्य अकादमी के पास एक बड़े भवन में रह रहे थे.

फ़रवरी 2011 तक कई ख़ुफ़िया सूत्रों से इस बात की पुष्टि हो गई थी कि ओसामा अपने परिवार वालों के साथ वहाँ रह रहे थे.

क्या पाकिस्तानी सेना को पता था कि बिन लादेन उनके बीच रह रहा था?

आधिकारिक रूप से उनको इसकी हवा नहीं थी. फिर भी 2005 में बन कर तैयार हुए इस भवन की अनदेखी नहीं की जा सकती थी.

वह इस क्षेत्र में बनी सभी इमारतों से ऊँचा था और चारों तरफ़ से ऊँची ऊँची दीवारों से घिरा हुआ था जिस पर कँटीले तार लगे हुए थे.

बहुत से विश्लेषक सवाल कर रहे हैं कि क्या सेना की निगाह में आए बिना एक बड़े सैन्य नगर में एक बड़ी हवेली बनाना और उसमें ओसामा का पाँच सालों तक रहना संभव हो सकता है?

इस अभियान से उस पुराने संदेह को हवा मिली है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के कुछ लोग चरमपंथी नेताओं को बचा रहे हैं.

जब एक आईएसआई अधिकारी से बीबीसी ने पूछा कि इस भवन की तलाशी क्यों नहीं ली गई तो उनका कहना था कि जब यह भवन बन रहा था तो उस पर यह सोच कर छापा मारा गया था कि वहाँ अलक़ायदा के बड़े नेता अबू फ़राज अल लिबी रह रहे हैं.

लेकिन उसके बाद से यह घर आईएसआई के रडार पर नहीं था और इस ख़ुफिया चूक से उसे काफ़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है.

क्या पाकिस्तान बिन लादेन को मारे जाने के अभियान में शामिल था ?

अमरीका यह ज़ोर दे कर कह रहा है कि उसने इस हमले की योजना अकेले बनाई है ओर इसे अंजाम भी अकेले दिया है. इसकी समाप्ति के बाद ही उसने इसके बारे में पाकिस्तान को सूचित किया है.

एक अमरीकी अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि यह इस अभियान और हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी था कि इसके बारे में अमरीकी सरकार के बाहर कम लोग जानें.

लेकिन कुछ विश्लेषकों को यह बात गले नहीं उतर रही है कि पाकिस्तान सेना को विश्वास में लिए बग़ैर अमरीकी हेलीकॉप्टर पाकिस्तानी सीमा के इतने अंदर तक कैसे आ सकते हैं.

हम यह कैसे मानें कि बिन लादेन मर चुके हैं ?

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि हमले के बाद शव को अफ़गानिस्तान ले जाया गया और उसका डीएनए परीक्षण किया गया.

इस परीक्षण में ओसामा का डीएनए उसके रिश्तेदारों के डीएनए से पूरी तरह मेल खा गया.

अमरीका ने अभी तक ओसामा के शव के चित्र क्यों नहीं जारी किए हैं?

अमरीका मौत के सबूत पेश करने के दबाव को अच्छी तरह समझता है और यही कारण है कि राष्ट्रपति ओबामा ने ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए बमबारी की तुलना में कमांडो ऑपरेशन को चुना ताकि शव की पूरी शिनाख्त की जा सके.

लेकिन अमरीकी अधिकारी ओसामा बिन लादेन की लाश की तस्वीरें जारी किए जाने के संभावित प्रभावों पर भी माथापच्ची कर रहे हैं क्योंकि यह तस्वीरें वीभत्स भी हो सकती हैं.

हो सकता है कि तस्वीरें कुछ ख़ास न भी बता पाएं क्योंकि ओसामा के सिर में गोली लगी थी.

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