राना पर आज से मुक़दमा शुरू

  • 23 मई 2011
Image caption मुम्बई हमलों में 160 लोग मारे गए थे

मुम्बई हमलों की योजना बनाने में सहायता देने के लिए ज़िम्मेदार तहव्वुर हुसैन राना पर शिकागो की अदालत में मुक़दमा शुरू हो रहा है.

राना पर पृथकतावादी संगठन लश्कर-ए-तैबा की सहायता करने का आरोप है.इस संगठन ने ही कथित रूप से मुम्बई हमलों में भाग लिया था.

इस मुक़दमे से लश्कर-ए-तैबा और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के बीच कथित संबंधों पर भी रोशनी पड़ने की संभावना है.

शिकागो की अदालत में इस मुक़दमें के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

अभियोजन पक्ष का तर्क होगा कि केनेडियन मूल के पाकिस्तानी राना ने मुम्बई हमलों की योजना बनाने में लश्कर-ए-तैबा को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की.इस हमले में 160 लोग मारे गए थे.

राना ने 2006 में अपने बचपन के दोस्त डेविड हेडली को मुम्बई में अपने कारोबार का एक दफ़्तर खोलने में मदद की थी.आरोप है कि इस दफ़्तर का इस्तेमाल संभावित आतंकी लक्ष्यों को ढ़ूँढ़ने के लिए किया गया.

राना और आईएसआई

राना पर डेविड हेडली और एक ”मेजर इक़बाल ” के बीच संदेशों को भी पहुँचाने का आरोप है.इक़बाल के बारे में कहा जाता है कि वह पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के सदस्य हैं.

Image caption तहव्वुर हुसैन राना

हे़डली अभियोजन पक्ष के स्टार गवाह हैं.उन्होंने कथित रूप से स्वीकार किया है कि उनके आईएसआई और लश्कर-ए-तैबा के साथ संबंध रहे हैं.

संभावना है कि वह अपनी गवाही में राना का संबंध आईएसआई से जोड़ेंगे.इस रहस्य के सामने आने से अमरीका के उन संदेहों को बल मिलेगा कि आईएसआई के आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध हैं.

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