पोप जॉन पॉल द्वितीय धन्य घोषित

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Image caption सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर लाखों लोग इस धन्य घोषणा में शामिल हुए

वैटिकन ने पोप जॉन पॉल द्वितीय को धन्य घोषित कर दिया है.

पोप बेनेडिक्ट ने लगभग ढाई घंटे की प्रार्थना सभा में पोप जॉन पॉल द्वितीय को रोमन कैथलिक चर्च के पूजनीय घोषित करते हुए उनके धन्यीकरण की प्रक्रिया संपन्न की.

इसे ईसाई धार्मिक शब्दावली में ‘बेटिफ़िकेशन’ कहा जाता है.

इस समारोह में शामिल होने के लिए विदेशी मेहमानों सहित लिए लगभग 10 लाख से ज़्यादा लोग सेंट पीटर्स स्क्वैयर पर जमा हुए.

सेंट पीटर्स बेसिलिका में जब पोप जॉन पॉल द्वितीय की तस्वीर विशालकाय स्क्रीन पर दिखाई गई तो लोग ख़ुशी से चिल्लाने लगे.

इस अवसर पर पोप जॉन पॉल 'द्वितीय' के अवशेष संत पीटर की पवित्र वेदी के सामने रखे गए.

इस अवसर पर पोप की जीवन यात्रा, उनकी तस्वीरें और उनसे जुड़े लोगों के साक्षात्कार दिखाने के लिए कई बड़े टीवी स्क्रीन भी लगाए गए.

इससे पहले रोम के प्राचीन ‘सर्कस मैक्सिमस’ परिसर में रातभर प्रार्थनाओं का दौर चला और आठों चर्च रात भर खुले रहे.

ख़ुशी की लहर

वैटिकन में जमा लोगों में इस मौक़े पर भारी उत्साह देखा गया. लोगों ने अपने भावों के बाँध खोलते हुए बताया कि यह अवसर कितनी ख़ुशियां लेकर आया है

लेबनान से आए एक पर्यटक का कहना था, "ये हमारे लिए कितने गौरव की बात है कि पोप जॉन पॉल लेबनान में आए थे. लेबनन के लोगों के लिए उनका आना एक अद्भुत घटना थी."

रोम से एक कैथलिक सिस्टर ने पोप जॉन पॉल द्वितीय से मुलाक़ात की यादों को ताज़ा किया, "मुझे अभी भी याद है कि उनसे मिलकर मैंने उनसे हाथ मिलाया था, कितनी अनोखी बात थी. उनकी आंखों में कुछ ऐसे भाव थे जिन्हें शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल है."

रोम से ही आई फ़्रांचेस्का ने कहा, "कितना भावपूर्ण है यह सब. यह बेहद ख़ुशी का मौक़ा है. अब वह धन्य घोषित कर दिए गए हैं. मैं इस दिन का कब से इंतज़ार कर रही थी. वे इस सम्मान के योग्य थे."

बेटिफिकेशन

किसी विशिष्ट व्यक्तित्व में उत्पन्न हुई चमत्कारी ताक़त को मान्यता देने के लिए लिए ईसाई धर्म में ‘धन्य’ घोषित करने की परंपरा है, जिसे ईसाई धार्मिक शब्दावली में ‘बेटिफ़िकेशन’ कहा जाता है.

इस चमत्कारी ताकत से रोगियों के ठीक होने या मानवता की सेवा के प्रमाण मिलने पर उस हस्ती को धन्य घोषित किया जाता है.

‘बेटिफ़िकेशन’ की प्रक्रिया संत की उपाधि दिए जाने से पहले का आख़िरी चरण है.

फ्रांस की एक नर्स मैरी सिमोन-पियरे ने यह दावा किया था कि उनकी पार्किंसन की बीमारी पोप की महिमा से ठीक हो गई.

इसी के बाद पोप जॉन पॉल 'द्वितीय' को धन्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरु हो गई.

पोलैंड मे ख़ुशियां

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उधर पोप जॉन पॉल द्वितीय के गृहप्रदेश पोलैंड में भी लाखों लोगों ने इस समारोह को टेलिविज़न पर देखा.

भारी बारिश के बावजूद कई लोग राजधानी वॉरसॉ के पिलसुज़्की स्क्वेयर पर पहुंचे जहा विशाल काय स्क्रीनों पर वैटिकन से प्राथना सभा का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा था.

दक्षिणी पोलैंड में उनके जन्म स्थान वैडोविस और पड़ोसी शहर क्राकाओ में भी इसी तरह के सामरोह हुए, जहां उनका बचपन गुज़रा था.

इस समारोह में शामिल विदेशी मेहमानों में ज़िंबाब्वे के नेता रॉबर्ट मुगाबे भी थे जो अपने ऊपर लगे यूरोपीय संघ के यात्रा प्रतिबंधों को नज़रअंदाज़ करके वहां पहुंच गए.

उनके अलावा पोलैंड और मैक्सिको के राष्ट्रपति भी इस समारोह में शामिल हुए.

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