'ओसामा को मारने के बाद ही पाक को बताया'

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एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने कहा है कि पाकिस्तान को ऐबटाबाद में हुई कार्रवाई के बारे में तब तक नहीं बताया गया है जब तक हमले में शामिल अमरीकी हेलीकॉप्टर और सैनिक पाकिस्तानी सीमा से बाहर नहीं निकल गए.

वाशिंगटन में व्हाइट हाउस की प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ओबामा के आंतरिक सुरक्षा सलाहकार जॉन ब्रेनन ने कहा है कि ऐबटाबाद में मिलिट्री एकेडमी से लगभग सौ मीटर की दूरी पर स्थित मकान में ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी पाकिस्तानी अधिकारियों पर कई सवाल खड़े करती है.

ब्रेनन का कहना था, “ये मानना मुश्किल है कि बिन लादेन को पाकिस्तान के अंदर कोई मदद नहीं मिल रही थी.”

पाकिस्तान के ख़ुफ़िया तंत्र पर सवाल

ब्रेनन ने कहा कि इन सवालों पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है और उन्हें बताया जा रहा है कि क्यों इस कार्रवाई के बारे में उन्हें नहीं बताया गया.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ कुछ मतभेद हो सकते हैं लेकिन आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में उनका सहयोग अहम है.

ऐबटाबाद से बीबीसी संवाददाता अलीम मकबूल का कहना है पाकिस्तान सरकार के लिए ये एक बड़ी शर्मिंदगी है ओसामा बिन लादेन न केवल पाकिस्तान में मारे गए बल्कि मिलिट्री एकेडमी के इतने पास छिपे हुए पाए गए.

ये कार्रवाई अमरीका और पाकिस्तान के बीच जो अविश्वास की खाई है उसकी भी काफ़ी स्पष्ट शब्दों में पुष्टि कर रहा है.

पिछले दिनों में कई अमरीकी अधिकारी आतंकवाद और आईएसआई की भूमिका पर उंगली उठा चुके हैं.

अमरीकी कांग्रेस के कई सदस्य अब पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद पर भी बहस करना चाहते हैं.

जीवित पकड़ने को तैयार

Image caption ऐबटाबाद का ये मकान जहां ओसामा छिपे हुए थे पाकिस्तानी मिलिट्री एकेडमी से कुछ ही फ़ासले पर है.

ब्रेनन ने पत्रकार वार्ता में ये भी कहा कि अमरीकी सैनिक ओसामा बिन लादेन को जीवित पकड़ने को भी तैयार थे लेकिन उन्होंने प्रतिरोध किया और उन्हें सर में गोली मार दी गई.

ब्रेनन का कहना था, “कार्रवाई के दौरान हर मिनट एक दिन की तरह लग रहा था, सबकी सांसे रूकी हुई थीं. राष्ट्रपति ओबामा ने इस कार्रवाई की इजाज़त देकर बहुत हिम्मत भरा फ़ैसला किया.”

आंतरिक सुरक्षा सलाहकार ने बताया कि ऐबटाबाद की इस इमारत पर कई महीनों से नज़र रखी जा रही थी, उसका एक मॉडल भी तैयार किया गया था और रविवार को हुई कार्रवाई का रिहर्सल कई बार हो चुका था.

ओसामा बिन लादेन के शव को इतनी जल्दी समुद्र में दफ़नाने के कारण पर बोलते हुए ब्रेनन ने बताया कि बिन लादेन की मौत के बाद ये सोचा गया कि उनके शव को कहां भेजा जा सकता है, किस देश में भेजा जा सकता है.

उनका कहना था, “फिर ये निर्णय हुआ कि इस्लामी रीति के अनुसार 24 घंटों के अंदर उनका अंतिम संस्कार करना है तो वो समुद्र में दफना कर ही हो सकता है.”

ब्रेनन ने कहा बिन लादेन की तस्वीरें कब जारी की जाएंगी इस पर फ़ैसला नहीं हुआ है.

ब्रेनन का कहना था कि वो उम्मीद करते हैं कि बिन लादेन के साथ ही आने वाले दिनों में अल क़ायदा को भी दफ़नाया जा सकेगा.

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