आलीशान इमारत में रह रहे थे लादेन

  • 2 मई 2011
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अमरीकी सैनिकों ने आख़िरकार दुनिया के मोस्ट वांटेड व्यक्ति को अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा पर पहाड़ी इलाक़े से नहीं बल्कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से क़रीब 60 किलोमीटर दूर एक आलीशान इमारत में ढूँढ़ निकाला.

इस्लामाबाद से ऐबटाबाद की दूरी एक घंटे से कुछ ज़्यादा की है. जिस इमारत पर कार्रवाई के बाद ओसामा बिन लादेन मारे गए, वो लाखों डॉलर के ख़र्चे से बनी आलीशान इमारत है.

अमरीकी सैनिकों की 40 मिनट की कार्रवाई के बाद ओसामा बिन लादेन मारे गए.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अमरीकी सैनिकों को इस तीन मंज़िला आलीशान इमारत पर उस समय संदेह हुआ, जब उन्होंने चार साल से ज़्यादा समय तक लादेन के सबसे भरोसेमंद दूत पर नज़र रखी.

लादेन के इस भरोसेमंद दूत की पहचान एक व्यक्ति ने की थी, जिसे अमरीकी सैनिकों ने 11 सितंबर 2001 के हमले के बाद पकड़ा था.

अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक़ पिछले साल अगस्त में अमरीका को ये पता चला कि लादेन का यह दूत अपने भाई और अपने परिजनों के साथ इस असाधारण और अति सुरक्षित इमारत में रहता है.

रॉयटर्स के मुताबिक़ अमरीकी अधिकारी ये जानकर काफ़ी आश्चर्यचकित थे कि ये दूत इस अनोखी इमारत में रह रहा है.

एक अमरीकी अधिकारी के मुताबिक़ उनके विश्लेषण से उन्हें इसका काफ़ी भरोसा था कि ये ठिकाना किसी बहुत बड़े आतंकवादी का है और इसकी पूरी संभावना है कि वो व्यक्ति लादेन हो सकते हैं.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 60 किलोमीटर दूर ऐबटाबाद रिटायर हो चुके कई पाकिस्तानी सैनिक अधिकारियों का ठिकाना है.

इमारत

जिस आलीशान इमारत में ओसामा रह रहे थे, वो इमारत वहाँ आम तौर पर बनी इमारतों से आठ गुना ज़्यादा बड़ी थी. वर्ष 2005 में जब इस इमारत को बनाया गया, तो वो इलाका एकांत था.

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Image caption इसी इमारत में रह रहे थे ओसामा बिन लादेन

जब ये इमारत बनाई गई थी, तो वो ऐबटाबाद शहर के बाहरी छोर पर स्थित था और वहाँ जाने वाली सड़क भी धूल भरी ही थी. लेकिन पिछले छह सालों के दौरान इसके आसपास कई इमारतें बन गई हैं.

ये इमारत अति सुरक्षित है. इसकी दीवार 12 से 18 फ़ीट ऊँची है और बाहरी दीवार के ऊपर कँटीली तार लगाई गई है. इस इमारत में दो सुरक्षा गेट हैं और इस इमारत में कम लोगों को ही जाते देखा गया था.

रॉयटर्स के मुताबिक़ इस आलीशान इमारत में रहने वाले अपना कूड़ा-करकट फेंकते नहीं थे, बल्कि उसे जला देते थे.

अमरीकी अधिकारी इस इमारत की क़ीमत 10 लाख अमरीकी डॉलर मान रहे हैं, लेकिन आश्चर्य की बात ये थी कि इस इमारत में न तो कोई टेलिफ़ोन कनेक्शन था और न ही इंटरनेट कनेक्शन.

ऐबटाबाद पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से निकट स्थित है, जो गर्मियों के लिए पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र था.

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