अल क़ायदा प्रमुख लादेन मारे गए

  • 2 मई 2011

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घोषणा की है कि पाकिस्तान में अमरीकी सैनिकों की कार्रवाई में अल क़ायदा के नेता ओसामा बिन लादेन मारे गए हैं.

ये कार्रवाई पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के उत्तर में स्थित ऐबटाबाद में हुई. अमरीका का कहना है कि ख़ुफ़िया जानकारियों के आधार पर हुई इस कार्रवाई का पहला सुराग पिछले साल अगस्त में मिला था.

राष्ट्रपति ओबामा के मुताबिक़ गोलीबारी के बाद अमरीकी सैनिकों ने लादेन के शव को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है. समाचार एजेंसी एपी ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि लादेन के शव को समुद्र में डाल दिया गया है. लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

अमरीकी समय के मुताबिक़ रविवार देर रात राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यह घोषणा की. इस घोषणा के बाद अमरीका में जश्न का माहौल है और दुनियाभर के शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं.

कब क्या हुआ

लादेन से जुड़ी तस्वीरें

कौन थे ओसामा बिन लादेन

अमरीका में जश्न का माहौल

ओसामा बिन लादेन को कई चरमपंथी हमलों के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है लेकिन 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में हुए हमलों के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना-पहचाना जाने लगा.

अमरीका 11 सितंबर को हुए हमलों के लिए लादेन को ही ज़िम्मेदार मानता है. अमरीका की मोस्ट वांटेड लिस्ट में लादेन का नाम सबसे ऊपर था.

सबसे बड़ी उपलब्धि

Image caption ओबामा ने इसे सबसे बड़ी उलब्धि बताया है

ओबामा ने कहा, "अल क़ायदा के ख़िलाफ़ कार्रवाई में यह अमरीका की सबसे बड़ी उपलब्धि है." अमरीका ने लादेन की मौत के बाद संभावित हमलों के प्रति दुनियाभर में अपने दूतावासों को सतर्क कर दिया है और अपने नागरिकों को भी सावधान किया है.

अमरीका में 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों में 3000 लोग मारे गए थे. अमरीका का दावा है कि लादेन ने ही इन हमलों का निर्देश दिया था.

इन हमलों के बाद अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान के अलावा कई जगह सैनिक कार्रवाई की लेकिन क़रीब एक दशक तक लादेन अमरीका और गठबंधन सेना को चकमा देते रहे. अमरीका ने लादेन के सिर पर 25 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था.

राष्ट्रपति ओबामा ने बताया कि पिछले साल अगस्त में ओसामा बिन लादेन के बारे में एक संभावित सुराग़ की जानकारी उन्हें दी गई थी.

सुराग़

ओबामा ने कहा, "मैं लगातार अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मिलता रहा. हमें उस संभावना पर और सूचनाएँ मिलीं कि लादेन पाकिस्तान में एक परिसर में छिपे हो सकते हैं. और आख़िरकार पिछले सप्ताह हमने ये फ़ैसला किया कि कार्रवाई के लिए हमारे पास पर्याप्त जानकारी है. फिर मैंने ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के लिए कार्रवाई का आदेश दिया."

रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 100 किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित ऐबटाबाद में अमरीकी सैनिकों ने कार्रवाई शुरू की. राष्ट्रपति ओबामा ने अपनी घोषणा में यह भी स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई में कोई अमरीकी हताहत नहीं हुआ है.

कार्रवाई के बारे में और जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने बताया कि ये कार्रवाई सिर्फ़ 40 मिनट में पूरी हो गई. जबकि तकनीकी ख़राबी के कारण एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

इस कार्रवाई के दौरान तीन और लोग मारे गए, जिनमें एक ओसामा बिन लादेन के बेटे भी थे. अधिकारी ने यह भी बताया कि कार्रवाई में एक महिला भी मारी गई, क्योंकि उसे सुरक्षा कवच के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.

चकित अधिकारी

अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक़ ऐबटाबाद के जिस इमारत में लादेन पर कार्रवाई हुई, उसके आकार और जटिलता ने उन्हें चकित कर दिया है.

Image caption 11 सितंबर के हमले के लिए लादेन को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है.

इसकी दीवार 12 से 18 फ़ीट की थी, जो इस इलाक़े में बनने वाली इमारतों से कई गुना ज़्यादा है. इस इमारत में न कोई टेलिफ़ोन कनेक्शन था और न ही इंटरनेट कनेक्शन, लेकिन इस इमारत की क़ीमत कई लाख डॉलर मानी जा रही है.

ओसामा बिन लादेन का जन्म 1957 में सऊदी अरब के एक संपन्न परिवार में हुआ. 1980 में उन्होंने अफ़गानिस्तान में सोवियत संघ के कब्ज़े के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए हथियार उठाए.

माना जाता है कि ओसामा बिन लादेन ने अमरीका में हुए 9/11 हमलों की साज़िश रची. हालांकि अमरीकी सेनाएं 1990 से ओसामा बिन लादेन की तलाश में जुटी थीं.

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