पायलटों को अवमानना का नोटिस

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एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने नौ पायलटों के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया है. पायलट वेतन बढ़ाए जाने और कुछ अन्य माँगो को लेकर पिछले एक हफ़्ते से हड़ताल पर हैं.

मंगलवार को लगातार सातवें दिन एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल जारी थी. दिल्ली हाई कोर्ट में दिन भर इस मामले की सुनवाई चली.

कोर्ट ने एयर इंडिया प्रबंधन और पायलट यूनियन दोनों को फटकार लगाई. कोर्ट ने नाराज़गी जताई कि जब अदालत ने पायलटों से हड़ताल ख़त्म करने को कहा था कि तो अब हड़ताल क्यों जारी है.

सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम तक दलीलों का दौर जारी रहा और अंतत दिल्ली हाई कोर्ट ने नौ पायलटों के ख़िलाफ़ कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी कर दिया.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलटों के प्रवक्ता विक्रम यादव ने कहा, "हम अंत तक लड़ेगे. हमें ये समझ में नहीं आ रहा है कि प्रबंधन इस बात के लिए तैयार क्यों नहीं है कि मामला हाथों हाथ सुलझाया जाए वो क्यों 15 दिन, एक महीने की बात कर रहा है. अगर हम बातचीत के लिए तैयार हैं तो उन्हें भी तैयार होना चाहिए. अगर वो चाहें तो हम पाँच मिनट में मामला सुलझा सकते हैं."

यात्री परेशान

दूसरी ओर एयर इंडिया प्रंबंधन अपने पुराने रुख़ पर अड़ा हुआ है.

एयर इंडिया प्रंबधन के प्रवक्ता कमलजीत रत्न ने कहा, "हम तो कह रहे हैं कि आप आ जाओ वापस, आपकी माँगों पर बात की जाएगी. हमने तो सुप्रीम कोर्ट के जज के तहत एक समिति भी बनाई है. आप वहाँ अपनी बात उठाओ, चार महीने में वे अपनी रिपोर्ट देंगे. कोई भी फ़ैसला एक आदमी तो नहीं ले सकता, ख़ासकर जहाँ समिति हो, सरकार भी शामिल हो. हम तो ये भी कह रहे हैं कि हम आपका साथ देंगे. इससे ज़्यादा मैनेजमेंट क्या कर सकती है."

हड़ताल जारी रहेगी या नहीं इस पर पायलटों सिर्फ़ इतना कहने को तैयार हैं कि स को है यानी स्थिति ज्यों की त्यों रहेगी. यानी इन हज़ारों यात्रियों के लिए भी स्थिति ज्यों की त्यों रहेगी जो हड़ताल के कारण हैरान-परेशान हैं. मामले पर अगली सुनवाई 25 मई को होनी है.

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