अमरीका पर हमले करने पर आमादा

Image caption ओसामा बिन लादेन बहुत पहले से अमरीका पर हमले की योजना बना रहे थे

ओसामा बिन लादेन 1997 से ही अमरीका के भीतर आतंकवादी हमले करना चाहते थे.

अमरीका की जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव ने इंटरनेट पर इस आशय के अमरीकी दस्तावेज़ प्रकाशित किए हैं जिन्हे सरकार ने गुप्त दस्तावेज़ों की सूची से बाहर कर दिया है.

इनके अनुसार बिन लादेन ने 1997 में अमरीकी टेलिविज़न पर दिेए एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके अनुयायी वर्ल्ड ट्रेड सैंटर में बम विस्फोट करने वाले रम्ज़ी यूसुफ़ का अनुकरण करेंगे और इस लड़ाई को अमरीका तक पहुंचाएंगे.

ओसामा के अफ़ग़ानिस्तान स्थित ठिकाने पर 1998 में हुए अमरीकी मिसाइली हमले के बाद उन्होने अपने अनुयायियों से कहा था कि वो चाहते हैं कि इसका जवाब वॉशिंगटन में दिया जाए.

दस्तावेज़ कहते हैं कि कनाडा में रचा गया सहस्राब्दि षड़यंत्र अमरीका में आतंकवादी हमले करने का बिन लादेन का पहला गंभीर प्रयास रहा होगा.

षड़यंत्रकारी अहमद रस्सम ने अमरीकी गुप्तचर एजेंसी एफ़बीआई को बताया था कि लॉस ऐंजेलिस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला करने का विचार उनका था लेकिन बिन लादेन के सहयोगी अबू ज़ुबेदाह ने उन्हे प्रोत्साहन दिया और मदद भी की.

रस्सम का कहना था कि बिन लादेन को इस षड़यंत्र की जानकारी थी.

दस्तावेज़ कहते हैं कि बिन लादेन के सहयोगियों ने 1993 में नायरोबी और दारेस्सलाम में अमरीकी दूतावासों का सर्वेक्षण किया था.

बम हमलों का षड़यंत्र करने वाले नायरोबी गुट के कुछ सदस्यों को 1997 में गिरफ़्तार करके निर्वासित कर दिया गया था.

अमरीकी दस्तावेज़ के अनुसार अल क़ायदा के सदस्य जिनमें से कुछ अमरीकी नागरिक भी हैं सालों से अमरीका आते जाते रहे हैं.

पूर्वी अफ़्रीका स्थित अमरीकी दूतावासों पर बम हमले करने के षड़यंत्र के दोषी पाए गए दो लोग अमरीकी नागरिक थे और एक मिस्री इस्लामिक जिहाद का सदस्य था जो 1990 के मध्य में कैलिफ़ोर्निया में रहता था.

एक गुप्त सूत्र ने 1998 में बताया था कि न्यूयॉर्क स्थित बिन लादेन गुट हमलों के लिए अमरीकी मुसलिम युवाओं को भर्ती कर रहा था.

उल्लेखनीय है कि ये दस्तावेज़ राष्ट्रपति को 6 अगस्त 2001 को भेजा गया था जिसके एक महीने बाद ही अमरीका पर हमले हुए.

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