कौन बनेगा करोड़पति?

  • 4 मई 2011
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Image caption अमरीका पिछले दस सालों से ओसामा की तलाश में था.

अमरीका ने ओसामा बिन लादेन का सही पता और ठिकाना बताने वालों के लिए लगभग पौने तीन करोड़ डॉलर के पुरस्कार की घोषणा कर रखी थी. तो इस पुरस्कार का हक़दार कौन होगा? किसे मिलेगी इतनी बड़ी राशि?

इसका फ़ैसला अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को करना है.

लेकिन पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

उनका कहना था, "इंसाफ़ के लिए पुरस्कार कार्यक्रम के तहत गोपनीयता की अहमियत को देखते हुए मैं यह नहीं बता सकती कि इस केस में (बिन लादेन के मामले में) या किसी और केस में किस को पुरस्कार के लिए चुना गया है."

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने 1984 में 'न्याय के लिए पुरस्कार कार्यक्रम' की शुरुआत की थी.

इसके तहत इनाम पाने के लिए यह ज़रूरी है कि दी गई जानकारी से अपराधियों या आतंकवादियों की गिरफ़्तारी हो सके.

बिन लादेन के मामले में यह कहना मुश्किल है कि किसी एक व्यक्ति की सूचना से उनके ठिकाने का पता चला.

सालों की मेहनत

आतंक विरोधी मामलों में राष्ट्रपति के सलाहकार जॉन ब्रेनन के अनुसार बिन लादेन का सुराग सालों की मेहनत का फल था जिस में सीआईए के कई एजेंटों का योगदान है.

लेकिन सवाल यह पैदा होता है की सीआईए को ये अहम जानकारी किस ने दी जिस से बिन लादेन के ठिकाने का पता चला?

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Image caption पुरस्कार का फ़ैसला हिलेरी क्लिंटन को करना है.

दो नाम सामने आते हैं—खालिद शेख मोहम्मद और अबू फराज़ अल लिबी.

ये दोनों बिन लादेन के करीबी साथी थे और संभवत: उन्होंने अपनी गिरफ़्तारी के बाद पूछताछ के दौरान कुछ ऐसी जानकारियां दीं जिन से बिन लादेन का सुराग मिला.

खालिद ने कई साल पहले पूछताछ के दौरान सीआईए को बिन लादेन के दो ऐसे भरोसेमंद लोगों के पुकार के नाम दिए थे जो बिन लादेन के ख़ास थे.

सीआईए ने पिछले साल अगस्त में इन में से एक का असली नाम हासिल कर लिया.

अधिकारियों का कहना है कि उसके एक फ़ोन को टैप करने से पता चला कि बिन लादेन पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर के किस घर में रह रहे थे.

इस दौरान अबू लिबी ने भी सीआईए की हिरासत में बिन लादेन के इस भरोसेमंद आदमी की जानकारी दी थी जिस से उसकी पहचान करने में आसानी हुई.

अधिकारियों ने बताया है कि एक बार इस आदमी ने फ़ोन पर कुछ ऐसी बातें कहीं जिनसे साफ़ हो गया कि बिन लादेन उसी घर में हैं.

लेकिन अगर बिन लादेन तक पहुँचाने में परोक्ष रूप से कोई ज़िम्मेदार है तो वो है बिन लादेन का भरोसेमंद आदमी जो इस अभियान में बिन लादेन के साथ मारा गया. इसके बाद खालिद और अबू लिबी.

लेकिन अमरीकी प्रशासन को यकीन है कि अगर इस इनाम का कोई सही हक़दार है तो वो है सीआईए.

उन्हें पुरस्कार के पैसे तो नहीं मिलेंगे लेकिन प्रशंसा ज़रूर मिल रही है.

और लगता यही है कि शायद विदेश मंत्री क्लिंटन अमरीका के पौने तीन करोड़ डॉलर बचाने में कामयाब हो जाएंगी.

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