सवालों के बीच गिलानी की फ्रांस यात्रा

  • 4 मई 2011
प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी बुधवार को फ्रांस के दौरे पर हैं जहां उन्हें ओसामा बिन लादेन से जुड़े कई कठिन सवालों का सामना करना पड़ सकता है

फ्रांस में उनकी मुलाकात राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी, प्रधानमंत्री फ्रैन्कॉसिस फिलौन और विदेश मंत्री एलेन जुप्पी से होगी.

बीबीसी के पेरिस संवाददाता का कहना है कि इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री गिलानी को ओसामा बिन लादेन से जुड़े कई सवाल झेलने होंगे क्योंकि ओसामा को पाकिस्तान की धरती पर ही मारा गया था.

कड़े सवाल

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इस बैठक से पहले फ्रांस के विदेश मंत्री एलेन जुप्पी ने कहा था कि उनके लिए ये विश्वास करना बेहद कठिन है कि पाकिस्तानी अधिकारियों को ये न मालूम हो कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में रह रहा है.

उन्होंने कहा कि एक छोटे से कस्बे में इतने बड़े मकान में ओसामा इतने सालों से रहा हो और उस पर किसी की नज़र न गई हो, ऐसा कैसे हो सकता है ? पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को इस बारे में और स्पष्टीकरण देने पड़ सकते हैं .

इससे पहले ओसामा बिन लादेन पर अमरीकी अभियान के बाद पाकिस्तान ने कहा था कि उसे लादेन के पाकिस्तान में मौजूदगी की भनक तक नही थी.

बचाव

इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने खुफ़िया एजेंसी आईएसआई का बचाव किया था.

एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा है, “जहां तक ऐबटाबाद स्थित ठिकाने की बात है, आईएसआई 2009 से ही सीआईए और अन्य सहयोगी ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहा था.”

इसके पहले, अमरीका के प्रतिष्ठित अख़बार दी वाशिंगटन पोस्ट में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने एक लेख लिखा है कि “बिन लादेन उस जगह के आसपास भी नहीं थे जहां हमारा अनुमान था कि वो होंगे.”

लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि इस अभियान से ये नहीं साबित होता कि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ नाकाम हो रहा है.

हांलाकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री गिलानी के फ्रांस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार और द्विपक्षीय रिश्तों को मज़बूत करना है, लेकिन ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के परिप्रेक्ष्य में गिलानी की फ्रांस यात्रा का यह मकसद पीछे छूट गया है.

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