यूएन ने ओसामा की मौत के विवरण मांगे

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Image caption नवी पिल्ले ने कहा है कि आतंकवाद निरोधी कार्रवाई को भी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना होगा.

संयुक्त राष्ट्र की मानवधिकार संस्था ने कहा है कि अमरीका ओसामा बिन लादेन के मारे जाने की पूरी परिस्थतियों की जानकारी उसके हवाले करे ताकि उसकी वैधानिकता सुनिश्चित की जा सके.

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने संयुक्त राष्ट्र मानवधिकार संस्था की प्रमुख नवी पिल्ले के हवाले से कहा है, "संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद की निंदा करता है लेकिन साथ ही आतंकवाद निरोधक कार्रवाई के कुछ नियम हैं. आतंकवाद निरोधक किसी भी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना होगा."

रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार नवी पिल्ले का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र ने इस बात पर बार-बार ज़ोर दिया है कि सभी आतंकवाद निरोधक कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों का आदर करना होगा.

संस्था की ओर से ब्यौरे ऐसे समय में मांगे गए हैं जब अमरीकी अधिकारियों की ओर से इस बारे में विरोधाभासी बयान आ रहे हैं कि ओसामा बिन लादेन निहत्थे थे या उन्होंने कार्रवाई का प्रतिरोध किया था.

सवाल पूछे जा रहे हैं कि वो कौन सी परिस्थिति थी जिसमें कार्रवाई करने गए कमांडो को ओसामा बिन लादेन पर गोली चलानी पड़ी.

यूरोप में चिंता

यूरोप के कई हिस्सों में भी इस बात को लेकर चिंता है कि अमरीका ने कई मौक़ों पर पुलिस, न्यायाधीश और जल्लाद की भूमिका निभाकर भारी ग़लती की है.

पश्चिमी जर्मनी के पूर्व चांसलर हेलमुट श्मिट ने जर्मन टीवी से कहा है कि ये सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उलंघन है.

"अरब में जारी घटनाओं के मद्देनज़र भी इस कार्रवाई के वहाँ व्यापक परिणाम होंगे."

बर्लिन में आंतरिक मामलों के मंत्री एरहार्ड कोटिंग का कहना है, "एक वकील के नाते इस बात को तरजीह देता कि उनके ऊपर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में मुक़दमा चलाया जाता."

हालैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय क़ानून के जानकार जैन नूप्स ने इस मामले की तुलना यूगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच से की है जिन पर 2001 में ग़िरफ़्तार किए जाने के बाद मुक़दमा चलाया गया था.

न्यूयार्क में मौजूद संस्था ह्यूमन राईटस वॉच ने कहा है कि ये कहना मुश्किल है कि ये कार्रवाई वैध थी या नहीं क्योंकि इसको लेकर पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है.

उन्होंने कहा, "हम ये जानना चाहते हैं कि अमरीका ने अपने सैनिकों को क्या आदेश दिए थे. हम ये जानना चाहते हैं कि वहाँ हुआ क्या और ये भी कि अमरीका ओसामा बिन लादेन पर जिन अपराधों का आरोप लगाता रहा है क्या उन्होंने वो सब किया?"

सभ्यता का सवाल

ब्रसेल्स में यरोपीय संघ के गृह मामलों के कमिश्नर सेसिलिया मामस्ट्रॉम ने एक ब्लॉग मे लिखा है कि अच्छा होता कि ओसामा बिन लादेन को अदालत के सामने पेश किया जाता.

यूरोप के कई अख़बारों में भी कुछ इसी तरह की बातें कही गई हैं.

ला रिपब्लिका अख़बार ने संपादकीय में कहा है कि यूरोपवासी ओसामा को पकड़े और मुक़दमा चलाए जाने के ज़्यादा पक्ष में होंगे क्योंकि किसी को मारा जाना हमारी सभ्यता के विरूद्ध है.

उल्लेखनीय है कि इराक़ में सद्दाम हुसैन को गिरफ़्तार किए जाने के बाद उन पर बाक़ायदा मुक़दमा चलाया गया था और अदालत के आदेश पर उन्हें फांसी की सज़ा दी गई थी.

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