हम जो कहते हैं, वो करते हैं: ओबामा

  • 6 मई 2011
ओबामा की श्रद्धांजलि

ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीकी जो कहते हैं वो पूरा करते हैं.

बृहस्पतिवार को न्यूयार्क में मैनहैटन फ़ायर स्टेशन पहुंचे बराक ओबामा ने फ़ायरकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, ''कैसे हमले के बाद बचावकर्मियों ने ध्वस्त वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दोनों इमारतों में मौजूद लोगों को बचाने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी थी.''

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लादेन की मौत के साथ न्याय पूरा हो गया है.

उनका कहना था, “रविवार को जो कुछ भी हुआ वो सेना के साहस और ख़ुफ़िया तंत्र के शानदार काम की बदौलत हुआ. इसने पूरी दुनिया और यहां अमरीका में भी एक संदेश दिया है और वो ये कि जब हम कहते हैं कि हम नहीं भूलेंगें तो हम जो कहते हैं वो करते हैं.जिन्होंने इस भयावह घटना को अंजाम दिया उन्हें दंड देना ज़रूरी था.''

फ़ायर स्टेशन के बाद ओबामा ने न्यूयार्क के ग्राउंड ज़ीरो का दौरा किया.

उन्होंने सफ़ेद और नीले रंग के फूलों को उस जगह रखा, जहां कभी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारतें हुआ करती थीं.

राष्ट्रपति ओबामा ने 11 सितम्बर 2001 के हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

उन्होंने सिर झुकाया और कुछ देर का मौन रखा. ओबामा ने मृतकों के परिजनों से भी मुलाक़ात की.

बराक ओबामा ने ग्राउंड ज़ीरो पर कोई सार्वजनिक भाषण नही दिया, क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि उन पर इस घटना के राजनीतिकरण का आरोप लगे.

दौरे से पहले व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा था कि राष्ट्रपति ओबामा अमरीकी जनता की एकता की भावना का सम्मान करना चाहते हैं.

राष्ट्रपति ओबामा ने इस मौक़े पर तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को भी आमंत्रित किया था, लेकिन जॉर्ज बुश ने ओबामा का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया था.

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