लीबिया: मिसराता पर क्लस्टर बमों से हमला

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Image caption क्लस्टर बमों को 100 से ज़यादा देशों की ओर से प्रतिबंधित किया जा चुका है.

मिसराता से आ रही खबरों के मुताबिक कर्नल गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने शहर से विद्रोहियों के खदेड़ने के लिए क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया है. क्लस्टर बमों को 100 से ज़यादा देशों की ओर से प्रतिबंधित किया जा चुका है.

खबरों के मुताबिक सेना की ओर से दागे गए क्लस्टर बम मिसराता की सीमा से सटे ट्यूनीशिया में भी गिरे हैं और वहां मौजूद आम लोग अपने बचाव के लिए अपने इलाकों को खाली कर रहे हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्यूनीशिया के देहिबा इलाके में स्कूल और रिहायशी इलाके खाली करा लिए गए हैं.

मिसराता में सेना की ओर से गिराए गए इन बमों के फटने से कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है.

त्रिपोली में मौजूद बीबीसी संवाददाता क्रिश्चियन फ्रेज़र के मुताबिक पत्रकारों के पास ऐसे चित्र मौजूद हैं जो यह साबित करते हैं कि लीबियाई सेना ने क्लस्टर बमों के ज़रिए नागरिकों पर घातक 'लैंडमाइंस' से हमला किया है.

घातक हथियारों का इस्तेमाल

पिछले हफ़्ते नेटो सैनिकों ने लीबियाई सेना की ओर से मिसराता के तट पर फैलाई गई बारुदी सुरंगों को हटाया था.

खबरों के मुताबिक लीबियाई सेना इस इलाके में लगातार बारुद बिछा रही है. इस कार्रवाई के दौरान शुक्रवार रात सेना ने शहर के लिए ईंधन ले जा रहे कुछ ट्रकों पर भी हमला किया जिससे उनमें आग लग गई.

मिसराता शहर गद्दाफ़ी समर्थक सेना से घिरा है और विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके से ही शहर में ईंधन और रसद पहुंचती है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक लीबियाई सेना लगातार घातक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है और नेटो सेना की चेतावनी के बावजबद नागरिकों पर हमले कर रही है.

इससे पहले भी लीबिया में काम कर रहे एक मानवाधिकार संगठन ने कहा था कि गद्दाफ़ी समर्थक सेना अपने विरोधियों पर क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रही है.

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