सीरिया में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ टैंक

बानियास इमेज कॉपीरइट AFP

सीरिया से आ रही ख़बरों के मुताबिक तटीय शहर बानियास में सेना टैंकों के साथ घुस गई है.

बानियास में राष्ट्रपति बशर अल-असद की हुकूमत के ख़िलाफ़ पिछले कुछ दिनों के दौरान लगातार प्रदर्शन होते रहे हैं.

खबरों के मुताबिक सेना की टुकड़ियाँ सुन्नी बहुल इलाक़ों की तरफ़ रुख कर रही है जबकि अलावाईत समुदाय वाले इलाक़ों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया है.

राष्ट्रपति असद अलावाईत समुदाय से ताल्लुक़ रखते हैं.

सीरिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अगर यह सही है तो इससे जातीय विद्वेष फैलने का ख़तरा है और यह घटना ख़तरनाक साबित हो सकती है.

शुक्रवार

सीरिया में शुक्रवार को हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 20 लोग सेना की हिंसा का शिकार हो गए थे.

हालांकि मरनेवालों की सही संख्या को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं. लोगों का कहना है कि शुक्रवार को मारे गए लोगों की कुल तादाद पिछले जुमे मारे गए लोगों से आधी है.

पिछले हफ़्ते की हिंसा में कम से कम 40 लोग मारे गए थे.

कल के हादसे में ज़्यादातर मौतें दमिश्क़ के उत्तर मे स्थित होम्स शहर में हुईं.

मानवधिकार संस्थाओं का कहना है कि सेना ने भीड़ पर गोलियाँ चलाईं. प्रशासन ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सेना पर हमले किए जिसमें 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है.

'विरोधी भावनाएं मज़बूत'

Image caption सेना ने डेरा में प्रर्दशनकारियों के अहम केंद्र ओमरी मस्जिद पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

प्रशासन ने कहा है कि हथियार से लैस लोगों ने एक सुरक्षा चौकी पर हमला कर कर दिया जिसके बाद हुई भिड़ंत में 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई.

राजधानी दमिश्क़ मे प्रदर्शन की कोशिशों को सुरक्षाबलों ने कुछ ही देर में नाकाम कर दिया.

जबकि देश के दूसरे बड़े शहर अलेप्पो से किसी बड़ी घटना की कोई ख़बर नहीं है.

बेरुत से बीबीसी संवाददाता जिन म्यूर ने कहा है कि मारे जानेवालों की संख्या मे आ रही कमी को देखकर सरकार को लग सकता है कि सुरक्षाबलों का बल प्रयोग हालात पर क़ाबू पाने में सफल हो रहा है लेकिन संकेत है कि सरकार विरोधी भावनाएं अभी भी बहुत मज़बूत हैं.

इस बीच अमरीका ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार हिंसक दमन जारी रखती है तो वो सीरिया के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठा सकता है.

लेकिन जिम म्यूर कहते हैं कि सीरियाई सरकार पर अमरीका का कोई प्रभाव नहीं है और उसकी कार्रवाई ज़मीनी स्थितियों में कोई बदलाव नहीं लाने वाली है.

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