'यमन में अल-क़ायदा नेता पर ड्रोन हमला'

  • 7 मई 2011
अनवर अल-अवलाकी(फ़ाइल फोटो) इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption ड्रोन हमले में बाल-बाल बचे अनवर अल-अवलाकी

अमरीका ने यमन में अल-क़ायदा के प्रमुख नेता अनवर अल-अवलाकी पर ड्रोन हमला किया है लेकिन ख़बरों के मुताबिक अवलाकी इस हमले में बच गए हैं.

कहा जाता है कि अमरीका में पैदा होने वाले यमनी मूल के अनवर अल-अवलाकी अरब प्रायद्वीप में अल-क़ायदा के प्रमुख हैं.

यमन के अधिकारियों के मुताबिक़ बृहस्पति वार की शाम को दक्षिणी यमन में हुए ड्रोन हमले में दो भाईयों की मौत हो गई है.

यमन के अधिकारियों ने कहा है कि मारे गए दोनों भाई अल-क़ायदा के मध्य क्रम के नेता थे.

यमन में ये हमला अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं.

इसी सप्ताह दो मई को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अमरीकी नेवी सिल्स के ज़रिए किए गए एक विशेष ऑपरेशन में ओसामा बिन लादेन मारे गए थे.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया है कि यमन में हुए ड्रोन हमले में अनवर अल-अवलाकी को निशाना बनाया गया था.

ड्रोन हमला

यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ड्रोन से फ़ायर किए गए मिसाइल ने शबवा प्रांत में एक कार को निशाना बनाया जिसमें दो भाई जा रहे थे.

यमनी अधिकारियों के मुताबिक वो दोनों भाई मुसैद और अबदुल्लाह मुबारक थे.

वाशिंगटन से आ रही ख़बरों के अनुसार अमरीकी कमांडरों को उम्मीद थी कि वो अल-क़ायदा के एक बहुत ही महत्वपूर्ण नेता को निशाना बना रहे हैं.

बिना अपना नाम बताए एक अमरीकी अधिकारी ने सीबीएस न्यूज़ से कहा,'' हमलोग उम्मीद कर रहे थे कि वो अनवर अल-अलवाकी है.''

अनवर अल-अवलाकी को मारने की कथित कोशिश, मई 2010 के बाद यमन में पहला अमरीकी हमला है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक़ बृहस्पतिवार को अवलाकी पर दो बार हमले किए गए लेकिन वो दोनों बार बच गए.

अनवर अल-अवलाकी

अमरीका की नज़र में अल-क़ायदा की यमन शाखा सबसे सक्रिय चरमपंथी गुट है.अनुमान है कि इस शाखा के अंतर्गत लगभग 300 लड़ाके हैं.

कुछ समीक्षकों का मानना है कि लादेन की मौत के बाद, अवलाकी ही सबसे बड़ा ख़तरा है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2009 में अमरीकी हवाई जहाज़ को उड़ाने की कोशिश करने वाले उमर फ़ारुक़ अबदुलमुतल्लब की नियुक्ति अवलाकी ने ही की थी.

अमरीकी सेना के मेजर निदाल हसन जिन पर 2009 में फ़ोर्ट हुड गोलीबारी में 13 अमरीकी सैनिकों को मारने का आरोप है, वो भी अवलाकी से ही प्रभावित थे.

ब्रिटेन के एक सांसद स्टीफ़न टिम्स को लंदन में जिस छात्र ने मारने की कोशिश की थी, कहा जाता है कि वो भी अनवर अल-अवलाकी के ऑनलाईन भाषणों से प्रेरित हुआ था.

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