दंगाइयों को सरकार की चेतावनी

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Image caption काहिरा में मुसलमान और ईसाईयों के बीच हुए संघर्ष में दस की मौत.

मिस्र के क़ानून मंत्री ने चेतावनी दी है कि जो लोग देश के सुरक्षा के लिए ख़तरा बनने की कोशिश करेंगे उनसे मज़बूती से निपटा जाएगा.

अब्देल अज़ीज़ अल-गिंदी मिस्र की राजधानी काहिरा में मुसलमानों और ईसाईयों के बीच हुए संघर्ष दस लोगों के मारे जाने के बाद बोल रहे थे. इस संघर्ष में 186 लोग घायल भी हुए हैं.

मिस्र की सेना के अनुसार दोनों समुदायों में हुई झड़प के बाद गिरफ़्तार किए गए 190 लोगों को अब सैनिक अदालत के सामने पेश किया जाएगा

मिस्र में सत्ताधारी सुप्रीम काउंसिल ऑफ़ आर्म्ड फ़ोर्सज़ ने इस क़दम को हिंसा रोकने के लिए ज़रुरी बताया है.

क़ानून मंत्री अल-गिदीं ने कहा, "सरकार के हाथ कांप नहीं रहे हैं. ये सरकार कमज़ोर नहीं है."

वे प्रधानमंत्री एसाम शरफ़ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की आपात बैठक के बाद बोल रहे थे.

दंगा

काहिरा में मुसलमानों और ईसाईयों में दंगे उस समय शुरु हुए जब यह ख़बर आई कि एक ईसाई महिला ने धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया है लेकिन ईसाई लोगों ने उसे पकड़ रखा है.

मुसलमानों के एक समूह ने इस महिला को 'आज़ाद' कराने के नाम पर एक कॉप्टिक चर्च पर हमला किया.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई सौ रूढ़िवादी 'सलाफ़ी' मुसलमानों ने इम्बाबा इलाक़े की सेंट मीना चर्च को घेर लिया और आरोप लगाए कि उस महिला को उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ पकड़कर रखा गया है.

दोनों तरफ़ से पथराव हुआ, पैट्रोल बम फेंके गए और गोलियां चलीं. मिस्र के सैन्य प्रशासन को दंगो पर क़ाबू पाने में कुछ घंटे लग गए.

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