इतिहास के पन्नों से

इतिहास में 10 मई का दिन कई कारणों से याद किया जाएगा

1857 का सैन्य विद्रोह शुरू

Image caption झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने भी 1857 के विद्रोह में हिस्सा लिया था.

154 साल पहले आज ही के दिन मेरठ में भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश हुकूमत के ख़िलाफ़ विद्रोह कर दिया था.

सैनिकों ने टेलिग्राफ दफ्तर, जेल और ब्रितानी साहबों के बंगलों पर हमला बोल दिया था.

इसके बाद घोड़ों पर सवार क़रीब 100 सैनिक दिल्ली की ओर निकल पड़े, जहां उन्होंने मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र से इस विद्रोह का नेतृत्व करने की गुहार लगाई.

मेरठ से विद्रोह शुरू होने के बाद ये दिल्ली, पटना और झांसी तक फैला और इसमें सैनिकों के अलावा रजवाड़े, किसान, तालुकदार, और बुद्धिजीवी भी शामिल हो गए.

ब्रिटिश सरकार को इस विद्रेह को दबाने में एक साल लग गया था. इस दिन को कई इतिहासकार आज़ादी के लिए भारत की पहली लड़ाई भी कहते हैं.

मंडेला बने दक्षिण अफ्रीका के पहले काले राष्ट्रपति

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Image caption नेलसन मंडेला की पार्टी, अफ्रीकी नैश्नल कांग्रेस ने 400 में से 252 सीटें जीती थीं.

आज ही के दिन 1994 में नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ़्रीका के पहले काले राष्ट्रपति बने.

दक्षिण अफ़्रीका में तीन शताब्दियों से गोरे लोगों का राज था.

1994 में दक्षिण अफ़्रीका में पहली बार लोकतांत्रिक तरीक़े से चुनाव हुए.

राजधानी प्रीटोरिया में आज के दिन हुए समारोह में अफ़्रीकी राजनेताओं के अलावा 140 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

समारोह में नेल्सन मंडेला ने कहा, "इस ख़ूबसूरत धरती पर फिर कभी किसी एक के हाथों दूसरे का दमन नहीं किया जाएगा."

रोलिंग स्टोन्स और ड्रग्स का आरोप

दुनिया के सबसे मशहूर रॉक बैन्ड्स में से एक, रोलिंग स्टोन्स के दो सदस्यों को आज ही के दिन 1967 में ड्रग्स के मामले में अदालत में पेश होना पड़ा था.

स्टोन्स के प्रमुख गायक मिक जैगर पर ड्रग्स रखने और गिटार वादक कीथ रिचर्ड्स पर ड्रग्स लेने के लिए अपने घर का इस्तेमाल होने देने का आरोप था.

अपने चहेते सितारों को देखने के लिए उस दिन अदालत के बाहर कई लोगों की भीड़ जमा हुई.

उस दिन तो अदालत ने दोनों को ज़मानत पर छोड़ दिया लेकिन 29 जून को जैगर को तीन महीने और रिचर्ड्स को एक साल की सज़ा सुनाई.

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