कूड़े से परेशान इटली का एक शहर

  • 9 मई 2011

इटली की सरकार दक्षिणी शहर नेपल्स में बढ़ रहे कूड़े-कचरे के संकट से निपटने के लिए एक बार फिर सेना को वहाँ भेज रही है.

नेपल्स की सड़कों पर फैले क़रीब दो हज़ार टन कूड़े को वहाँ से हटाने के लिए 170 सैनिक भेजे जा रहे हैं. वर्ष 2008 के बाद ये दूसरी बार है कि कूड़े-कचरे हटाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है.

दरअसल नेपल्स की समस्या ये है कि कूड़े फेंकने की जगह पूरी तरह भर चुके हैं और नतीजा ये है कि नेपल्स के निवासी सड़कों पर कूड़े फेंक रहे हैं.

अब हालात ये है कि इतना कूड़ा-कचरा जमा हो गया है कि हटाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है. कुछ निवासियों ने इन कूड़ों को जलाकर समाधान निकालने की कोशिश की है. ऐसा कई बार किया जा चुका है.

परेशानी

लेकिन इससे कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा और वहाँ रहने वालों की परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं.

अब सरकार ने इस संकट से नेपल्स वासियों को निकालने के लिए 170 सैनिकों को भेजने का फ़ैसला किया है. साथ ही 70 से ज़्यादा ट्रक भी भेजे जा रहे हैं.

नेपल्सवासियों का कहना है कि शहर में कूड़े फेंके जाने वाले सभी जगह भरे पड़े हैं, इसलिए कूड़े-कचरों को कहीं और ले जाने का बंदोबस्त किया जाए.

इस मामले पर इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की कभी आलोचना होती है तो कभी सराहना. वर्ष 2008 में भी ऐसा ही संकट आया था, जब क़रीब दो लाख टन कूड़ा सड़कों पर बिखरा पड़ा था.

चुनावों में प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी ने नेपल्स वासियों से वादा किया था कि वे वहाँ की सड़कों को साफ़-सुथरा कर देंगे. उस समय सेना भेजने का उनका फ़ैसला सही साबित हुआ था. लेकिन तीन साल बाद एक बार नेपल्स के लोगों को उसी संकट का सामना करना पड़ रहा है.

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