चीन का इतिहास को रोकने का प्रयास मूर्खतापूर्ण: हिलेरी

  • 11 मई 2011
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Image caption हिलरी क्लिंटन ने चीन के मानवाधिकार रेकार्ड की कड़ी आलोचना की

अमरीका की विदेशमंत्री हिलरी क्लिंटन ने चीन में अलग विचारधारा रखने वालों के ख़िलाफ़ की जा रही कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है.

उन्होने एटलांटिक मंथली नामक पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में ये टिप्पणी की.

इस समय वॉशिंगटन में चीन और अमरीका के बीच उच्च स्तरीय बातचीत हो रही है.

सोमवार को अमरीका के उप राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि अमरीका और चीन के बीच मानवाधिकारों को लेकर गहरे मतभेद हैं.

हिलरी क्लिंटन ने चीन के दमन की ही आलोचना नहीं की बल्कि ये भी संकेत दिया कि चीन की मौजूदा व्यवस्था चरमरा जाएगी और लोकतंत्र आके रहेगा.

'लोकतंत्र की जीत होगी'

विदेशमंत्री हिलरी क्लिंटन ने अमरीकी पत्रिका को दिए इंटरव्यू में कहा कि चीनी प्रशासन आज़ादी पर लगाम लगाकर समय के प्रवाह को रोकने की कोशिश कर रहा है लेकिन ये सरासर नादानी है.

उन्होने ये टिप्पणी मध्यपूर्व में लोकतंत्र के समर्थन में चल रहे आंदोलनों के संदर्भ में की.

मध्यपूर्व को देखकर चीन ने भी भिन्न मतावलम्बियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कड़ी कर दी है.

हिलरी क्लिंटन ने कहा, "वे इतिहास को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, यह एक मूर्खतापूर्ण काम है. चीन की सरकार इतिहास को रोक नहीं पाएगी. हाँ, उसे रोकने का प्रयास ज़रूर करती रहेगी."

सोमवार को चीनी अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होने कहा था कि जो देश मानवाधिकारों का सम्मान करते हैं वो अधिक स्थिर और सम्पन्न होते हैं.

ओबामा प्रशासन के आरंभिक दौर में चीन के मानवाधिकार रेकार्ड पर कम ही टिप्पणी की जाती थी लेकिन अब खुलकर विचार व्यक्त किए जा रहे हैं.

जब श्रीमती क्लिंटन से ये पूछा गया कि अमरीका चीन से संबंध क्यों बनाए रखता है तो उन्होने कहा कि वास्तविक दुनिया में ये करना ज़रूरी है.

अमरीका चीन के साथ सहयोग बनाए रखना चाहता है क्योंकि केवल इसलिए वो चीन या सउदी अरब जैसे देशों से संबंध नहीं तोड़ सकता क्योंकि उनके मानवाधिकार रेकार्ड ख़राब हैं.

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