सांसद देख रहे हैं ओसामा की तस्वीरें

ओसामा बिन लादेन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption बहुत से लोगों का मत है कि मौत की पुष्टि के लिए ओसामा की तस्वीरें सार्वजनिक की जानी चाहिए

अमरीका ने पहले कहा था कि ओसामा बिन लादेन की मौत की पुष्टि के लिए जो तस्वीरें खींची गई थीं उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.

लेकिन अब अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी ने इसे संसद की चार समितियों के सदस्यों को दिखाने का फ़ैसला किया है.

संसद सदस्यों ने इन तस्वीरों के देखना शुरु कर दिया है और फ़िलहाल एक सांसद ने इन तस्वीरों को देखा है.

ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के अगले दिन अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि ओसामा बिन लादेन के शव की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं जाएंगीं.

उनका कहना था कि एक तो अमरीका इन तस्वीरों का प्रयोग ट्रॉफ़ी की तरह नहीं करना चाहता. दूसरे उन्होंने कहा था कि अल-क़ायदा इसका उपयोग दुष्प्रचार के लिए कर सकता है और विभिन्न स्थानों पर युद्धरत अमरीकी सैनिकों के लिए ख़तरा बढ़ सकता है.

वीभत्स तस्वीरें

हालांकि इन तस्वीरों को सार्वजनिक अभी भी नहीं किया जा रहा है लेकिन अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने इसे अमरीकी संसद के निचले सदन यानी कांग्रेस और ऊपरी सदन यानी सीनेट की चार विभिन्न समितियों के सदस्यों को दिखाने का फ़ैसला किया है.

इन समितियों में ख़ुफ़िया एजेंसी और सैन्य मामलों से जुड़ी समिति शामिल है.

सीआईए के प्रवक्ता प्रेस्टन गोल्सन ने इस फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा, "चूंकि ओसामा बिन लादेन का मारा जाना ख़ुफ़िया एजेंसियों और सेना के शानदार तालमेल का नतीजा है इसलिए समितियों के सदस्यों को ये तस्वीरें दिखाई जा रही हैं. "

सीनेट की सैन्य मामलों से जुड़ी समिति के सदस्य और रिपब्लिकन पार्टी के नेता जेम्स इनहोफ़ ने ओसामा के शव की तस्वीरों के देख भी लिया है.

इन तस्वीरों के देखने के बाद उन्होंने कहा है कि तस्वीरें बहुत वीभत्स हैं और उन्हें देखने के बाद इस बात में कोई शक नहीं है कि ओसामा अब नहीं रहा.

इनहोफ़ ने इन तस्वीरों को देखने के बाद बताया कि उन्होंने कुल 15 तस्वीरें देखी हैं जिसमें से नौ उस समय ली गईं थीं जब ओसामा के ऐबटाबाद स्थित घर पर सैन्य कार्रवाई हुई थी. तीन उस समय की हैं जब यूएसएस विंसन में ओसामा के शव को समुद्र में दफ़नाने की तैयारी चल रही थी और तीन पुरानी तस्वीरें हैं जिससे तुलना करके ये सुनिश्चित किया जा सके कि शव ओसामा का ही है.

इन तस्वीरों देखने के बाद टेलीविज़न चैनल सीएनएन से हुई बातचीत में उन्होंने तस्वीर के बारे में विवरण भी दिए हैं.

उन्होंने कहा,"एक गोली कान से घुसी और आँख के रास्ते से निकल गई या फिर गोली आँख के रास्ते से घुसी और कान की ओर से बाहर निकल गई और फिर फट गई....इससे भेजे का एक हिस्सा आंखों के रास्ते बाहर निकल आया था... "

उन्होंने बार-बार दोहराया कि तस्वीरें घटना के तुरंत बाद ली गई थीं और वे बहुत वीभत्स हैं.

सांसद इनहोफ़ का मानना है कि कम से कम तीन ओसामा को दफ़नाए जाने से पहले की तीन तस्वीरें ऐसी हैं जिसे सार्वजनिक किया जा सकता है क्योंकि उनमें ओसामा को साफ़ पहचाना जा सकता है.

उन्होंने ओबामा प्रशासन के इस निर्णय का विरोध किया कि तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की जाएँगीं.

जेम्स इनहोफ़ पहले संसद सदस्य हैं जिन्होंने तस्वीरें देखी हैं. अभी और सदस्य भी उन तस्वीरों को देखेंगे.

हो सकता है कि वे ओबामा प्रशासन पर दवाब बनाएँ कि ओसामा की तस्वीरें सार्वजनिक की जाएँ.

सीआईए के निदेशक लियोन पेनेटा तस्वीरों को सार्वजनिक करने के ख़िलाफ़ नहीं हैं. लेकिन अंतिम फ़ैसला तो राष्ट्रपति ओबामा को ही लेना है.

कार्रवाई

अमरीकी सेना के एक विशेष दस्ते नेवी सील्स ने एक और दो मई की दरम्यानी रात पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में एक सैन्य अभियान में ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक़ ओसामा बिन लादेन को सीने और सिर में गोली मारी गई थी और उनकी लाश को समुद्र में दफ़ना दिया गया था.

कार्रवाई के बाद ओसामा के शव को सैन्य दस्ता अपने साथ ले गया था. साथ ही कई कंप्यूटर और दस्तावेज़ सैनिक अपने साथ ले गए थे.

बाद में अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने ओसामा के घर से बरामद वीडियो को जारी किया था. लेकिन उन वीडियो से ये पता नहीं चल पा रहा था कि वो ऐबटाबाद के उसी घर के अंदर बनाई गई वीडियो हैं.

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