पाकिस्तानी तालिबान के 'मददगार' गिरफ़्तार

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अमरीका के अधिकारियों ने पाकिस्तानी मूल के तीन अमरीकी नागरिकों को पाकिस्तानी तालिबान को आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोप में गिरफ़्तार किया हैं.

इनमें से दो फ़्लोरिडा की मस्जिद के इमाम हैं.

अमरीकी अधिकारियों ने छह लोगों के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी तालिबान को आर्थिक मदद पहुंचाने का अभियोग लगाया है.

इन छह लोगों में से तीन अमरीकी नागरिकों को गिरफ़्तार कर लिया हैं. बाकी तीन पाकिस्तान में ही रह रहे हैं.

फ़्लोरिडा प्रांत के मियामी शहर में इन छह लोगों के खिलाफ़ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं.

जिन अमरीकी नागरिकों पर अभियोग लगाया गया है, उनके नाम हैं हाफ़िज़ खा़न, उनके बेटे इरफ़ान खा़न और इज़हार खा़न.

76 साल के हाफ़िज़ खा़न मियामी की एक मस्जिद में इमाम हैं. उनके बेटे इज़हार खा़न भी जमात अल मोमनीन मस्जिद के इमाम हैं.

तालिबान को मदद

तीन लोग जो इस समय पाकिस्तान में रह रहे हैं, सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं. इनके नाम हैं अली रहमान, आलम ज़ेब और अमीना खान.

अमीना खान फ़्लोरिडा की मस्जि़द के इमाम हाफ़िज़ खान की पुत्री हैं और आलम ज़ेब उनका बेटा है.

सभी लोगों पर हत्या, अपहरण और हमले जैसे आपराधिक षड्यंत्र रचने वाले पाकिस्तानी तालिबान को आर्थिक और अन्य तरीकों से मदद पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं .

हाफ़िज़ खा़न और उनके बेटे इज़हार खा़न को सोमवार को मियामी की अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है.

इरफ़ान खा़न को लॉस एंजेलेस में गिरफ़्तार किया जा चुका है और उन्हें वहां की अदालत में पेश किया जाएगा.

अगर इन पर जुर्म साबित हो जाते हैं तो इन्हें कम से कम 15 साल तक की कै़द की सज़ा हो सकती है.

प्रतिबंध

मियामी में एफ़बीआई के स्पेशल एजेंट जॉन गिलीज़ का कहना है कि अब चरमपंथियों ने बेगु़नाह लोगों की हत्या करने और अमरीकी हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए मिलने वाले धन के एक मुख्य स्रोत को खो दिया है.

उन्होंने कहा कि वो चरमपंथियों की नई भर्ती और वित्तीय मदद के लिए अमरीकी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देंगे.

अमरीका के अटार्नी विफ्रेडो फ़ेरर कहते हैं, “मस्जिद के इमाम होने के बावजूद हाफ़िज़ खान ने चरमपंथियों की मदद की जिससे हत्या, अपहरण और हमले करने जैसी घटनाओं में तेज़ी आए.’’

अमरीकी सरकार ने पाकिस्तानी तालिबानी गुट पर पिछले कई वर्षों से प्रतिबंध लगा रखा है.

ओसामा बिन लादेन के ऐबटाबाद में मारे जाने के बाद तहरीक-ए-तालिबान की ओर से अमरीका को धमकी दी गई थी.

शुक्रवार को ही इस गुट ने उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के शबक़दर शहर में दो आत्मघाती हमले किए जिनमे कम से कम 80 लोग मारे गए थे.

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