'विद्रोहियों को सरकार की मान्यता नहीं'

लीबिया के विद्रोहियों की अमरीका में मुलाक़ात
Image caption विद्रोहियों के उपनेता महमूद जिबरील ने अमरीकी अधिकारियों से व्हाईट हाउस में मुलाक़ात की.

अमरीका ने लीबिया के विद्रोहियों को लीबियाई जनता का सच्चा प्रतिनिधि तो क़रार दिया है लेकिन उनके ज़रिए गठित राष्ट्रीय काउंसिल को एक वैध सरकार की मान्यता देने से इनकार कर दिया है.

शुक्रवार को लीबिया के विद्रोहियों की बेनग़ाज़ी स्थित राष्ट्रीय काउंसिल के उपनेता महमूद जिबरील ने व्हाईट हाउस में अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डॉनिलॉन समेत कई अमरीकी अधिकारियों से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के बाद अमरीका की तरफ़ से एक बयान जारी किया गया.

बयान के मुताबिक़, ''टॉम डॉनिलॉन ने विद्रोहियों के प्रतिनिधि महमूद जिबरील से कहा कि अमरीका की नज़र में राष्ट्रीय काउंसिल लीबियाई जनता की वैध और विश्वसनीय प्रतिनिधि हैं.''

फ़्रांस, इटली और क़तर ने राष्ट्रीय काउंसिल को लीबिया की असल सरकार की मान्यता दे दी है लेकिन अमरीका और ब्रिटेन ने अभी तक उनको वो मान्यता नहीं दी है.

इससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार को व्हाईट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा था कि इस तरह का कोई भी क़दम समय से पहले उठाया गया क़दम होगा.

अमरीका का कहना है कि सरकार के बारे में फ़ैसला लीबिया की जनता को करना है, किसी विदेशी शक्ति को नहीं.

एक अन्य घटनाक्रम में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के एक अधिवक्ता ने कहा है कि लीबिया में मानवाधिकारों के हनन के लिए सबसे अधिक ज़िम्मेदार तीन व्यक्तियों के खिलाफ़ सोमवार को वॉरंट जारी होंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि इनमें गद्दाफ़ी का नाम भी शामिल होगा.

'सुरक्षित'

इस बीच लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा है कि वो एक ऐसी जगह पर हैं जहां नेटो सेना के बम नहीं पहुंच सकते.

गद्दाफ़ी का यह बयान इटली के विदेशमंत्री फ्रैंको फ्रैटनी की ओर से उनके घायल होने की आशंका जताए जाने के बाद आया है.

फ्रैटनी ने कहा था गद्दाफ़ी शायद एक हवाई हमले में घायल हो गए और त्रिपोली छोड़ चुके हैं.

फ्रैटनी ने यह भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते लीबियाई सरकार में आंतरिक स्तर पर फूट पड़ रही है.

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Image caption गद्दाफ़ी सभी को चुनौती देने का दावा कर रहे हैं.

इन खबरों का खंडन करते हुए सरकार के प्रवक्ता इब्राहिम मूसा ने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी पूरी तरह सुरक्षित हैं और संकट की इस घड़ी में लीबिया का नेतृत्व कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ''हमारे नेता पूरी तरह सुरक्षित, स्वस्थ और आश्वस्त हैं.''

इस बीच शुक्रवार की शाम अचानक सरकारी टेलीविज़न पर कर्नल गद्दाफ़ी का एक बयान जारी हुआ जिसके ज़रिए उन्होंने अपने जीवित और सुरक्षित होने का संदेश दिया.

उन्होंने कहा, ''मैं लीबिया के बाहर रह रहे उन हज़ारों लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मुझ पर धोखे से किए गए कायरतापूर्ण हमले के बाद मेरी सलामती के बारे में जानने के लिए उत्साह, प्रेम व सहानुभूति दिखाई है.''

उन्होंने कहा, ''मैं धर्मयुद्ध कर रहे कायर लोगों से ये कहना चाहता हूं कि मैं ऐसी जगह रहता हूं जहां मुझ तक कोई नहीं पहुंच सकता. मैं करोड़ों लोगों के दिलों में रहता हूं.''

'कायरता'

सरकारी टीवी पर जारी अपने एक बयान में गद्दाफ़ी ने यह भी कहा कि त्रिपोली स्थित उनके परिसर पर किया गया हमला कायरतापूर्ण था.

लीबियाई अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि नेटो अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने गद्दाफ़ी के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया था.

गुरुवार को लीबियाई सरकार ने पत्रकारों को नेटो सेनाओं के एक हमले से जुड़े सबूत दिखाए थे. सरकार ने आम नागरिकों और उनके बच्चों के एक समूह पर नेटो की ओर से मिसाइल हमला किए जाने का आरोप लगाया था.

सरकार के मुताबिक ये लोग सरकार के प्रति सोहार्द और अपना समर्थन दिखाने के लिए जमा हुए थे.

नेटो ने इस संबंध में कहा है कि सैनिकों के एक अड्डे पर हमला किया गया है लेकिन नागरिकों के हताहत होने के मामले में अभी जांच की जा रही है.

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