'प्रतिबंधित तकनीक का हस्तांतरण’

Image caption संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर प्राक्षेपिक मिसाइलों के परीक्षण को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट लीक होने से सामने आई जानकारी के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर कोरिया और ईरान के बीच प्राक्षेपिक मिसाइल तकनीक का हस्तांतरण हो रहा है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि प्योंगयांग पर लगाए गए प्रतिबंधों पर नज़र रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की एक समिति ने अपनी एक रिपोर्ट में प्रतिबंधत तकनीक के इस आदान-प्रदान की जानकारी दी है.

उत्तर कोरिया द्वारा 2006 और 2009 में कई परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह प्रतिबंध लगाए गए थे.

संयुक्त राष्ट्र स्थित बीबीसी संवाददाता बारबरा पैलेट के अनुसार यह रिपोर्ट साफ़ तौर पर कहती है कि दोनों देशों के बीच प्राक्षेपिक मिसाइल तकनीक और उससे जुड़े सामान का आदान-प्रदान अवैध तरीके से एक तीसरे देश के ज़रिए हो रहा है.

'तीसरा देश'

हालांकि रिपोर्ट में इस 'तीसरे' देश के नाम का उल्लेख नहीं है.

इस बीच एक राजनियक से बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक यह तीसरा देश चीन है. हालांकि चीन इस रिपोर्ट को लेकर संयुक्त राष्ट्र की इस समिति से नाखुश है.

यही वजह है कि इस समिति में शामिल चीनी अधिकारी ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

इस रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को इस बात का संदेह है कि प्रतिबंधित प्राक्षेपिक मिसाइल तकनीक उत्तर कोरिया और ईरान की राष्ट्रीय विमान सेवाओं के ज़रिए प्रतिदिन के स्तर पर हस्तांतरित हो रही है.

माना जाता है कि उत्तर कोरिया के पास छह परमाणु बम बनाने लायक प्लूटोनियम के संसाधन हैं, लेकिन अभी तक इस बात की जानकारी नहीं है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु बमों को ढोने वाली प्राक्षेपिक मिसाइल बना ली हैं.

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