बढ़ी क़ीमतों से नाराज़ विपक्ष

भाजपा रैली
Image caption भारत की तेल कंपनियों ने पेट्रोल की क़ीमतों में पाँच रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है.

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी दलों ने पेट्रोल के दामों में की गई बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए इसे आम आदमी पर एक घातक प्रहार बताया है.

भाजपा ने कहा है कि वो इस क़दम का संसद के भीतर और बाहर विरोध करेगी. वहीं वामपंथी दलों का कहना है कि चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद ही पेट्रोल के दाम बढ़ाया जाना सरकार की दोहरी नीति दर्शाता है.

भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने शनिवार को पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने के बाद कहा, “पेट्रोल के दाम में बढ़त आना अर्थशास्त्री रह चुके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की असफलता दर्शाता है. ये आम आदमी पर एक प्रहार है, जिसके बारे में सत्तारूढ़ पार्टी बहुत चर्चा करती है.”

उनका कहना था कि सरकार महंगाई के ज़रिए “आम आदमी के घावों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है, जो पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हुए हैं.”

कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए रवि शंकर प्रसाद ने कहा, “हम जानना चाहते हैं कि वो सोनिया गांधी कहां है जो हमेशा आम आदमी के बारे में बात करती हैं. और युवाओं के वो तथाकथित नेता कहां हैं?”

सीपीआई-एम नेता सीताराम येचुरी ने पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा, “ये आम जनता के साथ एक झांसा है.”

पेट्रोल के दाम में आई बढ़त के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी ने आज उत्तर प्रदेश में धरना देने का ऐलान किया है. साथ ही दिल्ली में भाजपा ने भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.

उधर सरकार के बचाव में कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत बढ़ जाने से सरकार पर दाम बढ़ाने का दबाव बढ़ गया था, लेकिन फिर भी सरकार ने एलपीजी और डीज़ल के दाम नहीं बढ़ाए हैं.

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