इतिहास के पन्नों से...

  • 17 मई 2011

यदि इतिहास के पन्नों में झांकें तो 17 मई को मशहूर कॉमेडियन चार्ली चैपलिन का चुराया गया ताबूत खोज लिया गया थी, उत्तरी ध्रुव पर दो ब्रितानी मरीन बिना किसी सहायता के पहली बार पहुँचे थे और आयरलैंड में भीषण बम धमाके हुए थे:

1978: चार्ली चैपलिन की चुराई गई शवपेटी मिली

Image caption कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि चैपलिन को ग़ैर-यहूदी कब्रिस्तान में दफ़नाने के कारण ताबूत चुराया गया

आज ही के दिन मशहूर कॉमेडियन चार्ली चैपलिन की चुराई गई शवपेटी खोज निकाली गई थी.

वर्ष 1977 में 88 वर्षीय चार्ली चैपलिन का क्रिसमस के दिन स्वर्गवास हो गया था और उन्हें स्विट्ज़रलैंड की जेनेवा झील के पास दफ़नाया गया था.

लेकिन दो चोर उनके ताबूत को वहां से खोद कर निकाल ले गए और उनके परिवार से शवपेटी के बदले 4 लाख पाउंड की वसूली की मांग करने लगे.

चार्ली चैपलिन की 51 वर्षीय विधवा लेडी ऊना चैपलिन ने ये मांग मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद चोरों ने उनके बच्चों को क्षति पहुंचाने की धमकी दे डाली.

पुलिस ने चार्ली के परिवार और शहर के आस पास के क़रीब 200 टेलिफ़ोन बूथ टैप किये जिसके बाद उन दो चोरों को दबोच लिया गया.

इस घटना के पीछे बहुत सी कहानियां सामने आती रहीं, लेकिन चार्ली के परिवार ने कभी किसी तर्क की पुष्टि नहीं की.

एक हॉलिवुड रिपोर्ट के मुताबिक चार्ली चैपलिन की कब्र को इसलिए खोदा गया था क्योंकि वे एक यहूदी थे, जिन्हें ग़ैर-यहूदी कब्रिस्तान में दफ़नाया गया था.

2000: उत्तरी ध्रुव पर ब्रतानी बिना सहायता पहुंचे

Image caption ध्रुव पर पहुंचने से एक दिन पहले इन जवानों की खाद्य सामग्री खत्म हो गई थी.

इसी दिन ब्रिटेन के दो रॉयल मरीन कमांडो बिना किसी सहायता के उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले ब्रितानी नागरिक बने.

बेहद कड़ी मौसम परिस्थितियों के बीच इन दो कमांडो ने 70 दिन वहां बिताए और 700 मील तक बर्फ़ पर पैदल चले.

31 वर्षीय ऐलन चेंबर्स और 29 वर्षीय चार्ली पेटन का ये अभियान बेहद जोखिम भरा रहा. खाने की कमी के चलते इन दोनों जवानों ने हर दिन आधा कटोरी दलिया खा कर अपने वक्त काटा.

तनाव तब बढ़ना शुरु हुआ, जब ध्रुव पर पहुंचने से एक दिन पहले उनकी खाद्य सामग्री खत्म हो गई.

उत्तरी ध्रुव पर माइनस 30 डिग्री तापमान के बीच उन्हें बेहद ठंडी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. वहां रहने के दौरान ठंड से इनका शरीर सुन्न हो गया था और उनके टेन्ट में भी आग लग गई थी.

1974: डबलिन और मोनाघन में बम धमाके

Image caption बम धमाकों के बाद पूरे शहर को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया.

आयरलैंड के डबलिन शहर में तीन कार बम धमाके हुए जिसमें 23 लोग मारे गए थे और 100 से अधिक घायल हुए थे.

इस बम धमाके के एक घंटे के भीतर ही मोनाघन के तटवर्ती शहर में एक बम धमाका हुआ जिसमें पांच लोग हताहत हुए और 20 घायल हुए थे.

इन धमाकों से तालबोट स्ट्रीट सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ, जहां बस हड़ताल के चलते काफ़ी भीड़ जमा थी.

बम धमाकों के बाद पूरे शहर को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया.

आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियम कोस्ग्रेव ने इन बम धमाकों की घोर निंदा की.

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