इतिहास के पन्नों से

  • 20 मई 2011

1983 : दक्षिण अफ्रीका में धमाका, 16 की मौत

Image caption ओलिवर टैम्बो ने आरोप से इनकार किया

20 मई 1983 को दक्षिण अफ्रीका की राजधानी प्रीटोरिया में हुए कार बम धमाके में कम से कम 16 लोग मारे गए थे जबकि 130 से ज़्यादा ज़ख्मी हो गए थे.

ये धमाका शाम क़रीब साढ़े चार बजे भीड़भाड़ वाली चर्च स्ट्रीट की नेडबैंग स्क्वेयर बिल्डिंग के बाहर हुआ था.

इस धमाके के लिए रंगभेद विरोधी और ग़ैर-क़ानूनी घोषित की गई अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस को ज़िम्मेदार माना गया था.

हालांकि एएनसी ने इस आरोप से इनकार किया था. नेलसन मंडेला के कारावास काल में एएनसी का कार्यभार देख रहे ओलिवर टैम्बो ने हमले को तो सही ठहराया था लेकिन इसकी ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की थी.

अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस दक्षिण अफ्रीका में बहुसंख्यक कालों पर अल्पसंख्यक गोरों के शासन को ख़त्म करने की लड़ाई लड़ रही थी.

1965: अपराधियों के ख़िलाफ आंसू गैस के प्रयोग की अनुमति

इसी दिन 1965 में ब्रिटेन की पुलिस को हथियारबंद अपराधियों और ख़तरनाक व्यक्तियों के ख़िलाफ़ आंसू गैस की बंदूकें और गोले इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी.

तत्कालीन गृह मंत्री सर फ़्रैंक सॉस्किस ने हाउस ऑफ़ कॉमन्स में इसकी घोषणा की थी.

1958: मेयर के वज़न की जांच

Image caption मेयर को तौलने की मध्यकालीन परंपरा

20 मई को ही 1958 में ब्रिटेन के हाई वायकॉम शहर के नए महापौर लेस्ली ब्रेन के वज़न की ये देखने के लिए सार्वजनिक रूप से जांच की गई कि करदाताओं के पैसे से कहीं उनपर चर्बी तो नहीं चढ़ रही है.

बकिंघमशायर के इस व्यवसायिक शहर के महापौर के वज़न की जांच की ये अनोखी परंपरा मध्यकाल से चली आ रही थी.

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