बशर अल-असद पर अमरीकी प्रतिबंध

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Image caption असद को राजनीतिक सुधार का एक अवसर दिया गया है

मानवाधिकार के उल्लंघन की गंभीर शिकायतों के बाद अमरीका ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं.

अपनी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की वजह से बशर अल-असद को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से पहली बार निशाना बनाया गया है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पिछले महीने उनके भाई माहेर, उनके चचेरे भाई और ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लागू किया था.

अमरीकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि राष्ट्रपति असद के लिए ये एक अवसर है कि या तो वे राजनीतिक सुधार लागू करें या फिर अपना पद छोड़ दें.

इस बीच बशर अल असद ने स्वीकार किया है कि प्रदर्शनकारियों से निपटने में सुरक्षा बलों से कुछ ग़लतियाँ हुई हैं.

उन्होंने कहा है कि ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों के अनुभव में कमी इसका मुख्य कारण है. उन्होंने आश्वासन भी दिया है कि सीरिया स्थिति से निपट लेगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा.

राष्ट्रपति असद के ताज़ा बयान को सीरियाई अख़बार अल वतन ने छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि हज़ारों पुलिस अधिकारियों को नए सिरे प्रशिक्षण दिया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति असद का बयान उस समय आया है जब बीबीसी को वहाँ आम नागरिकों पर सेना द्वारा किए गए हमलों की रिपोर्टें मिली हैं.

लेबनान में सीरियाई शरणार्थियों ने बीबीसी को बताया है कि वे टेल कालाख़ शहर में हो रही भीषण हिंसा से भागकर आए हैं.

इस शहर की पिछले कई दिनों से सेना ने घेराबंदी की हुई है.

व्यक्तिगत प्रतिबंध

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोप में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के अलावा छह अन्य सीरियाई अधिकारियों के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लागू करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं.

एक अधिकारी के अनुसार,"राष्ट्रपति ओबामा चाहते हैं कि सीरिया की सरकार प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा का प्रयोग बंद करे और सीरियाई नागरिकों को अधिकार सौंपने के लिए लोकतांत्रिक प्रणाली लागू करना शुरु करे."

अमरीका और यूरोपीय संघ ने बशर अल असद के क़रीबी लोगों पर पहले ही आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन बशर अल असद पर अब तक सीधे कोई आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाए गए थे.

इस आर्थिक प्रतिबंध का मतलब यह है कि अमरीकी अधिकार क्षेत्र में जहाँ भी इन लोगों की संपत्ति होगी उन्हें ज़ब्त कर लिया जाएगा और किसी भी अमरीकी पर इन लोगों के साथ व्यापार करने की मनाही होगी.

वॉशिंगटन में बीबीसी की संवादददाता किम घटास का कहना है कि इसका सीधा असर तो न्यूनतम ही होगा क्योंकि इसकी संभावना कम है कि इनमें से किसी की भी संपत्ति अमरीका में होगी.

उनका कहना है कि अमरीका सीरिया को कड़ा संदेश देना चाहता है और बशर अल असद को एक मौक़ा दे रहा है कि वे चाहें तो सुधार लागू कर लें.

अभी तक अमरीका ने उनसे पद छोड़ने को नहीं कहा है.

किम घटास का कहना है कि ऐसा रोज़-रोज़ नहीं होता कि अमरीका किसी व्यक्ति पर आर्थिक प्रतिबंध लागू करे.

उनका कहना है कि उत्तर कोरिया और ईरान को देखें तो ये अमरीकी सूची में चरमपंथ को बढ़ावा देने वाले देशों में हैं लेकिन इन देशों के नेता किम जोंग-इल और महमूद अहमदीनेजाद पर व्यक्ति के तौर पर कोई आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं.

इस लिहाज से देखें तो बशर अल असद अब मुअमर गद्दाफ़ी और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको के समकक्ष खड़े कर दिए गए हैं.

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